
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाडेन ने सोमवार को इजरायल का जोरदार बचाव किया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गाजा में जो कुछ भी हो रहा है वो नरसंहार नहीं है. उन्होंने कहा, "इजरायली सेना गाजा में हमास आतंकवादियों के खिलाफ अपने सैन्य अभियान में नरसंहार नहीं कर रही है." राष्ट्रपति बाइडेन ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट द्वारा पीएम नेतन्याहू के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी करने की मांग की भी निंदा की.
एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जो बाइडेन ने आईसीसी प्रोसिक्यूटर द्वारा इजरायली नेताओं के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी करने के अनुरोध को 'अपमानजनक' बताया. आसीसी के इस अनुरोध की इजरायली पीएम ने खुद भी निंदा की और 'अपमानजनक' बताते हुए 'पूरे इजरायल पर हमला' बताया.
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क्या है पूरा मामला?
आईसीसी के अभियोजक करीम खान ने सोमवार को कहा कि उनकी ऑफिस ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले और इसके बाद गाजा में इजरायली कार्रवाई के दौरान किए गए कथित 'वॉर क्राइम' के लिए इजरायल (के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योआव गैलेंट) और हमास के नेताओं (याह्या सिनवार, इस्माइल हनियेह, और मोहम्मद दियाब इब्राहिम अल-मसरी) के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी करने को लेकर एक आवेदन दायर की है.
हमास ने आईसीसी के अनुरोध को खारिज किया
आईसीसी प्रोसिक्यूटर यानी अभियोजक के अनुरोध को इजरायल और हमास दोनों ने ही खारिज किया है. हमास ने आईसीसी अभियोजक की निंदा की और उसपर 'पीड़ित को जल्लाद के बराबर' करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
इजरायल ने भी आईसीसी के ऐलान की निंदा की
आईसीसी प्रोसिक्यूटर के अरेस्ट वारंट के अनुरोध पर इजरायल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी. इजरायल के विदेश मंत्री ने आईसीसी प्रोसिक्यूटर के ऐलान को 'निंदनीय' बताते हुए '7 अक्टूबर को पीड़ितों पर हमला करने के समान' बताया.
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इजराइल के विदेश मंत्री ने कहा कि आईसीसी के कदम का विरोध करने के लिए "विशेष युद्ध कक्ष" खोला गया है. उन्होंने कहा, "धरती पर कोई भी ताकत हमें अपने बंधकों को वापस पाने और हमास को उखाड़ फेंकने से नहीं रोक पाएगी." हालांकि, दक्षिण अफ्रीका ने गिरफ्तारी वारंट के लिए आवेदन पर आईसीसी के ऐलान का स्वागत किया.