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'ना खाना, ना पानी...', तुर्की एयरपोर्ट पर 30 घंटे से फंसे यात्रियों का फूटा गुस्सा, लंदन से मुंबई आ रही थी फ्लाइट

बुधवार को विमान को मेडिकल इमरजेंसी के कारण डायवर्ट किया गया था और उसके बाद उसमें तकनीकी खराबी आ गई थी. वर्जिन अटलांटिक ने कहा कि वह यात्रियों को मुंबई ले जाने के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था कर रही है.

तुर्की के दियारबाकिर एयरपोर्ट पर 30 घंटे से फंसे हैं  250 से ज्यादा यात्री (फोटो-एक्स) तुर्की के दियारबाकिर एयरपोर्ट पर 30 घंटे से फंसे हैं 250 से ज्यादा यात्री (फोटो-एक्स)
आशुतोष मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 10:21 AM IST

लंदन से मुंबई जाने वाली वर्जिन अटलांटिक फ्लाइट के 260 से अधिक यात्री बीते 30 घंटे से भी अधिक समय से तुर्की के दियारबकीर एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं. ये यात्री मदद के लिए लगातार गुहार लगा रहे हैं.

वर्जिन अटलांटिक ने इसे "हार्ड लैंडिंग" बताया, जिसके बाद विमान को तकनीकी समस्या के कारण उड़ान भरने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया. इसके बाद जहां चालक दल को होटल ले जाया गया, वहीं  यात्रियों को छोटे क्षेत्रीय हवाई अड्डे के भीतर प्रतिबंधित क्षेत्र में ठहराया गया जहां पर्याप्त सुविधाएं भी नहीं हैं.

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एयरलाइंस का बयान

भारतीय दूतावास की मदद के बाद कुछ यात्रियों को नजदीक के होटल में ले जाया गया है. एयरलाइन ने कहा है कि स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे तक बैकअप फ्लाइट तैयार हो जाएगी. हालांकि अभी भी कुछ यात्री  एयरपोर्ट ट्रांजिट होल्डिंग एरिया में हैं.

यात्रियों ने बयां की मुश्किलें

वहीं फंसे हुए यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयरलाइन बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध करने में विफल रही. यात्रियों का आरोप था कि वर्जिन एयरलाइंस ने न तो यात्रियों के लिए कोई व्यवस्था की और न ही यह जानकारी दी कि वे मुंबई के लिए कब रवाना हो पाएंगे.  विमान में फंसे यात्रियों ने एक्स पर पोस्ट करते हुए अपर्याप्त भोजन, टॉयलेट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चार्जिंग पॉइंट की कमी सहित बुनियादी सुविधाओं की कमी का जिक्र किया है.

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आप नेता प्रीति शर्मा-मेनन ने एक्स पर लिखा, "24 घंटे हो गए हैं और एक भी एयरलाइन प्रतिनिधि यात्रियों से नहीं मिला है. उनके पास बमुश्किल कोई भोजन है, 275 यात्रियों के बीच एक शौचालय है, फोन की बैटरी खत्म हो रही है क्योंकि उनके पास एडाप्टर नहीं है. इस परेशानी में बच्चे, गर्भवती महिलाएं, मधुमेह रोगी और बुजुर्ग लोग शामिल हैं."  उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया.

एक अन्य यूजर संजय शाह ने लिखा, "मेरे परिवार का सदस्य दियारबाकिर में फंस गई हैं. वह अपने पिता से मिलने आई थी, जिनकी मेडिकल कंडीशन कमजोर है.एक शीर्ष विमानन कंपनी से ऐसा घटिया व्यवहार क्यों? न खाना, न पानी. लैंडिंग के बाद सभी केबिन क्रू गायब हो गए."

भारतीय दूतावास का बयान

इससे पहले तुर्की स्थित भारतीय दूतावास ने ने बयान जारी करते हुए कहा था, 'अंकारा स्थित भारतीय दूतावास वर्जिन अटलांटिक एयरलाइंस, दियारबकीर एयरपोर्ट निदेशालय और तुर्की के विदेश मामलों के मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है. मिशन के कॉर्डिनेशन के माध्यम से यात्रियों की उचित देखभाल की जा रही है. हम इस मुद्दे के शीघ्र समाधान और फंसे हुए यात्रियों के लिए मुंबई के लिए वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं.'

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आपको बता दें कि बुधवार को विमान को मेडिकल इमरजेंसी के कारण डायवर्ट किया गया था और उसके बाद उसमें तकनीकी खराबी आ गई थी. वर्जिन अटलांटिक के प्रवक्ता ने बताया, "2 अप्रैल को हीथ्रो से मुंबई जाने वाली वीएस358 फ्लाइट को मेडिकल इमरजेंसी के कारण दियारबकीर में डायवर्ट किया गया था, जिसके बाद विमान का तकनीकी निरीक्षण किया गया." 

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