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'गाजा में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर प्रतिबद्धता नहीं', ट्रंप के कब्जे वाले बयान पर व्हाइट हाउस की सफाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उनका देश गाजा पट्टी से फिलिस्तीनियों को कहीं और बसाए जाने के बाद युद्धग्रस्त फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कब्जा कर लेगा. अमेरिका इसका विकास करेगा और इसका मालिकाना हक रखेगा. उनके इस बयान की मुस्लिम देशों ने आलोचना की थी. अब इसको लेकर व्हाइट हाउस की सफाई सामने आई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (File Photo) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (File Photo)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 6:45 AM IST

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिलिस्तीनी एन्क्लेव पर अमेरिकी कब्जे के अपने प्रस्ताव के तहत गाजा पट्टी में देश की सेना तैनात करने के लिए प्रतिबद्धता नहीं जताई है. व्हाइट हाउस की यह टिप्पणी रिपब्लिकन नेता ट्रंप की उस आश्चर्यजनक घोषणा के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका गाजा के निवासियों को स्थाई रूप से बसाने के बाद उस पर कब्जा कर लेगा. उनके इस बयान की वैश्विक निंदा हुई थी.

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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना ​​है कि क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए गाजा के पुनर्निर्माण में अमेरिका को शामिल होना चाहिए. उन्होंने कहा, "इसका मतलब गाजा में जमीन पर सैनिकों की तैनाती नहीं है."

ट्रंप के मंगलवार के स्थाई पुनर्वास प्रस्ताव के विपरीत, लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति चाहते हैं कि एन्क्लेव के पुनर्निर्माण के लिए गाजा में रहने वाले फिलिस्तीनियों को अस्थाई रूप से शिफ्ट किया जाए. हालांकि लेविट ने बयानबाजी में बदलाव के बारे में विस्तार से नहीं बताया.

यह भी पढ़ें: 'गाजा पट्टी को कब्जे में लेगा अमेरिका', इजरायली PM से मुलाकात के बाद बोले राष्ट्रपति ट्रंप

ट्रंप ने दिया था ये बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मीटिंग की. इसके बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें ट्रंप ने घोषणा की कि उनका देश गाजा पट्टी से फिलिस्तीनियों को कहीं और बसाए जाने के बाद युद्धग्रस्त फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कब्जा कर लेगा. अमेरिका इसका विकास करेगा और इसका मालिकाना हक रखेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि वह गाजा पर दीर्घकालिक अमेरिकी स्वामित्व की कल्पना करते हैं.

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बता दें कि यह क्षेत्र तीव्र बमबारी के कारण मलबे में तब्दील हो गया है, क्योंकि इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास अक्टूबर 2023 से गाजा में एक भीषण युद्ध में उलझे हुए हैं. 

यह भी पढ़ें: फिलिस्तीनियों को भेजना है तो इजरायल में..., ट्रंप के गाजा पर कब्जे वाले बयान पर भड़के मुस्लिम देश

गाजा को विनाश मुक्त करने का प्रस्ताव: अमेरिकी विदेश मंत्री

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा कि ट्रंप ने अमेरिका को गाजा के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी लेने की पेशकश की है. उन्होंने इसे मलबे और विनाश से मुक्त करने के लिए एक अद्वितीय प्रस्ताव बताया. उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के दौरान लोगों को कहीं न कहीं रहने की आवश्यकता होगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रस्ताव का उद्देश्य शत्रुतापूर्ण कदम नहीं था और इसके विवरण पर अभी भी काम करने की आवश्यकता है.

रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि पेंटागन गाजा के लिए सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति लीक से हटकर सोचने को तैयार हैं, उन समस्याओं को हल करने के लिए नए और अनोखे, गतिशील तरीके तलाश रहे हैं, जो ऐसी लगती हैं कि वे असाध्य हैं. हम सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार हैं." 

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गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों की दुनिया भर में कड़ी निंदा हुई, जबकि उनके समर्थकों ने ऐलान का समर्थन किया. मुस्लिम देशों ने ट्रंप के बयान की निंदा की. वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गाजा में जातीय सफाया से बचने का आग्रह किया. गुटेरेस ने कहा, "समाधानों की तलाश में हमें समस्या को और बदतर नहीं बनाना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय कानून की नींव पर खरा उतरना महत्वपूर्ण है. जातीय सफाए के किसी भी रूप से बचना आवश्यक है. हमें टू स्टेट सॉल्यूशन पर काम करना चाहिए."

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