खेल को दिल से समझना हो या दिमाग से, एक चेहरा जो जेहन में घूमता है वो है विक्रांत गुप्ता का. क्रिकेट की बारीकियां हों या फिर पर्दे के पीछे का खेल, नतीजे का पूर्वानुमान हो या फिर खिलाड़ी के दिल का हाल, विक्रांत गुप्ता का सटीक विश्लेषण एक सुलझे हुए पत्रकार की परिभाषा को बयां करता है.
विक्रांत देश के नंबर वन क्रिकेट शो के साथ आजतक पर हर शाम 7.30 बजे दर्शकों से रुबरु होते हैं. वे यूट्यूब पर रात 8 बजे स्पोर्ट्स तक पर भी चर्चा में शरीक होते हैं. उनके जुनून, उनकी ऊर्जा को टेलिविजन न्यूज इंडस्ट्री ने भी सराहा और सम्मानित किया है. उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ स्पोर्ट्स एंकर का पुरस्कार मिला है, साथ ही उनके कार्यक्रम को बेस्ट स्पोर्ट्स शो का अवॉर्ड भी.
पहले अखबार में उनकी लेखनी और बाद में टेलीविजन में उनके तेवरों ने खेल पत्रकारिता को अलग ही आयाम प्रदान किए. मुहम्मद अजहरुद्दीन से लेकर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली से लेकर महेंद्र सिंह धोनी और अब विराट कोहली तक भारतीय कप्तानों की कई पीढ़ियों को कवर चुके विक्रांत भारतीय क्रिकेट के कई ऐतिहासिक लम्हों के गवाह रहे हैं.
विक्रांत ने 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के साथ खुशी के पल भी बिताए. बतौर पत्रकार विक्रांत पांच वर्ल्ड कप कवर कर चुके हैं. टेस्ट क्रिकेट की गंभीरता से लेकर ट्वेंटी-20 के रंग के साथ जीना विक्रांत का पेशा ही नहीं, शौक भी है.
आप विक्रांत गुप्ता को उनके ट्वीटर एकाउंट @vikrantgupta73 पर फॉलो कर सकते हैं.