13 फरवरी 2025
त्रिपुर के अंत के समय बहुत क्रोध में होने के कारण शिवजी भयंकर नृत्य करने लगे. इस नृत्य में न लय थी और न ही ताल. उनके पैरों की बिगड़ी थाप से धरती डगमगाने लगी और रसातल में जाने लगी. तब ब्रह्मा जी ने तीनों राक्षसों की मिट्टी हो चुकी देह को मिलाकर एक वाद्य यंत्र का निर्माण किया.