मौसमी सिंह इंडिया टुडे ग्रुप के नेशनल ब्यूरो में डिप्टी एडिटर हैं. राजनीति पर पैनी पकड़ के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी बेबाक रिपोर्टिंग के लिए मौसमी की देश के पत्रकारों में खास पहचान है. उनका निडर और बेखौफ़ अंदाज़ उन्हें सबसे अलग करता है. मुश्किल से मुश्किल जगहों से ख़बर खोज कर लानी हो या फिर घंटों लगातार स्पॉट रिपोर्टिंग करनी हो उनका कोई सानी नहीं. चाहे वह थाईलैंड में केव रेस्क्यू ऑपरेशन हो या दक्षिण भारत में सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश जैसे संवेदनशील मसले पर रिपोर्टिंग, किसी भी चुनौती में डटी रह कर मौसमी पत्रकारिता धर्म को निभाती रही हैं.
खोजी पत्रकारिता जैसी चैलेंजिंग फील्ड में भी मौसमी ने अपनी खास छाप छोड़ी है. छत्तीसगढ़ में आदिवासी छात्राओं के शारीरिक शोषण से जुड़ी घटना हो या फिर बुंदेलखंड में नाबालिग लड़कियों के साथ मजदूरी के एवज में हो रही हैवानियत, मौसमी की रिपोर्टिंग ने दुनिया को सच दिखाया. उनको रिपोर्टिंग के लिए एनटी अवार्ड से लेकर एसपी सिंह अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है. किसी भी संवेदनशील मसले पर मौसमी की ग्राउंड रिपोर्ट और उनका विश्लेषण लीक से हटकर रहता है.
पिछले 16 साल में देश की सियासत और सियासतदानों को मौसमी ने करीब से देखा है. वे लोकसभा चुनाव के साथ कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को कवर कर चुकी हैं. मौसमी जिस जज़्बे से टीवी में रिपोर्टिग करती हैं उतने ही जोश से लेखनी भी चलाती हैं. उनकी कलम से निकले आर्टिकल्स पत्रकारिता को लेकर उनकी निष्ठा के खुद ही सबूत हैं.