भारत के टॉप और सबसे भरोसेमंद पत्रकारों में से एक राहुल कंवल देश के सबसे बड़े मीडिया संगठन- इंडिया टुडे ग्रुप के न्यूज़ डॉयरेक्टर हैं. वे नेटवर्क के लिए न्यूज गैदरिंग और ऑपरेशन्स को लीड करते हैं. राहुल भारत भर में और दुनिया के अहम शहरों में फैले 500+ रिपोटर्स की टीम का प्रबंधन करते हैं. उनकी पैनी नज़रों से गुजरने के बाद स्टोरीज़ 5 टेलीविजन चैनल्स और 20 डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए कुल 48.9 करोड़ कंज्यूमर्स तक पहुंचती हैं जो हैरान करने वाली रीच है. राहुल इंडिया टुडे के फ्लैगशिप प्राइम टाइम ब्रॉडकास्ट, ‘न्यूज़ट्रैक’ और बहुत ही लोकप्रिय वीकेंड इंटरव्यू शो, ‘जब वी मेट’ को होस्ट करते हैं.
14 सितंबर,1980 को महाराष्ट्र के देवलाली में जन्मे राहुल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की.
उद्यमी के तौर पर राहुल का यूएसपी है कि वे लीक को तोड़ने वाले नए एडिटोरियल प्रोडक्ट्स को लॉन्च करने में दक्षता रखते हैं. वे इन इनोवेटिय आइडियाज़ पर अमल को मजबूत प्रबंधकीय योग्यता के दम पर सिरे चढ़ाते हैं. उनकी सबसे हालिया कामयाबी मई 2019 में संपन्न भारतीय आम चुनाव रहे.
इंडिया टुडे में उन्होंने जिन एडिटोरियल प्रोजेक्ट्स को जन्म से लेकर कामयाबी के शिखर तक पहुंचाया, उसकी देश भर में अन्य न्यूजरूम्स कल्पना भी नहीं कर सकते. राहुल के तेज़ जेहन ने डेटा इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) खड़ा किया, जिसने चुनाव से जुड़ी स्टोरीज़ और ट्रेंड्स में कटिंग एज डेटा डीप डाइव किया. उनकी एक और बड़ी उपलब्धि एंटी-फेक न्यूज़ वॉर-रूम (AFWA) है जो फेक न्यूज़ के ख़तरे से निपटने के लिए डिजाइन किया गया. इसके अलावा उन्होंने ओपन सोर्स इंटेलीजेंस डेस्क (OSINT) को साकार रूप दिया, जो खोजी पत्रकारिता को धार देने के लिए आधुनिक डिजिटल फॉरेन्सिक्स से लैस है.
राहुल को 7 एक्सचेंज4मीडिया ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स, 2 इंडियन टेलीविजन एकेडमी अवार्ड्स और 4 न्यूज़ टेलीविजन अवार्ड्स से नवाज़ा जा चुका है. उन्होंने पिछले एक दशक से भी अधिक समय में कई ऐसी इंवेस्टीगेटिव स्टोरीज़ को अंजाम दिया, जिन्होंने इस विधा में बेंचमार्क स्थापित करने का काम किया. राहुल और उनके इंवेस्टीगेटिव रिपोर्टर्स की टीम ने ऐसे एक से बढ़ कर खुलासे किए जिनके नतीजे में जन प्रतिनिधियों को इस्तीफे देने के लिए मजबूर किया. साथ ही महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव सामने आए.
ऐसे दौर में जब भारतीय पत्रकारिता राजनीतिक, धार्मिक और वैचारिक लाइन्स पर काफ़ी बंटी नजर आती है, राहुल निष्पक्ष बने रहने में पक्का यकीन रखते हैं. उनका हमेशा ज़ोर स्टोरी के दोनों पक्षों को पेश करने पर रहता है न कि सिर्फ़ दलील के एक ही पहलू को आगे बढ़ाने में.
राहुल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की. वे शेवनिंग स्कॉलर हैं और उन्होंने कार्डिफ यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म में प्रोग्राम किया. उन्होंने हॉस्टाइल एनवॉयरनमेंट जर्नलिज्म में कोर्स के लिए रोरी पेक ट्रस्ट ग्रांट हासिल की.
फिटनेस मंत्रा में यकीन रखने वाले राहुल को रैकेट स्पोर्ट्स बहुत पसंद हैं. व्हाइट वॉटर कयाकिंग और स्कीइंग उनमें नया जोश भरने का काम करते हैं. वैसे सोते-जागते हर दम न्यूज़ में जीने वाले राहुल को कुछ फुर्सत के पल मिलते हैं तो वे नॉन-फिक्शन बुक्स पढ़ना और अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं.