सेमीकंडक्टर संकट अब फेस्टिव सीजन (Festive Season) पर गहराने लगा है. चिप (Chip) की कमी की वजह से प्रोडक्शन पर असर पड़ रहा है, जिससे अब ऑटोमोबाइल्स कंपनियां डीलरों को वाहनों की सप्लाई सुनिश्चित नहीं कर पा रही हैं. (Photo: Getty Images)
दरअसल, वाहनों की सप्लाई में दिक्कत की वजह से इस त्योहारी सीजन में डीलरों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है. वाहन डीलरों के संघों के महासंघ (FADA) के अध्यक्ष विन्केश गुलाटी का कहना है कि चिप का संकट अभी भी जारी है. ऐसे में विनिर्माताओं को उत्पादन के मुद्दों से जूझना पड़ रहा है, वे अपने डीलरों को सही समय पर डिलीवरी नहीं दे पा रहे हैं.
नवरात्रि के पहले दिन से ही वाहन डीलरों के लिए 42 दिन के व्यस्त सत्र की शुरुआत हो गई है. सप्लाई की कमी की वजह से डीलर अपने ग्राहकों को उनकी पसंदीदा कार की आपूर्ति के लिए इंतजार करने को लेकर भरोसा नहीं दिला पा रहे हैं. कई मॉडलों की भारी मांग के बीच डीलरों के पास बुकिंग रद्द हो रही हैं. वहीं डीलरों के पास पर्याप्त स्टॉक नहीं होने की वजह से मौके पर खरीद में भी कमी आ रही है. ग्राहकों को शोरूम से लौटना पड़ रहा है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, विन्केश गुलाटी का कहना है कि बिक्री के लिहाज से त्योहारी सत्र हमारे लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है. औसतन इन दो महीनों में हम अपनी सालाना बिक्री का 40 फीसदी हासिल करते हैं. यह वह समय होता है जबकि हम शेष साल के परिचालन के लिए कमाई और बचत कर पाते हैं. इस साल हमें पर्याप्त संख्या में वाहन नहीं मिल रहे. ऐसे में हमें नुकसान का अंदेशा है, क्योंकि सप्लाई में कमी की वजह से ग्राहक मनपसंद कार नहीं खरीद पाएंगे. (Photo: Getty Images)
उन्होंने कहा कि यात्री वाहन सेगमेंट में ज्यादातर मॉडलों के लिए वेटिंग पीरियड पूर्व के एक से तीन माह की तुलना में काफी अधिक बढ़ चुकी है. डीलरशिप पर वाहन नहीं होने से मौके पर बिक्री भी प्रभावित हुई है. आंकड़ों के अनुसार 50 से 60 प्रतिशत खरीदार पहले से बुकिंग कराते हैं. वहीं शेष 40 प्रतिशत शोरूम पर आकर तत्काल वाहन खरीदते हैं. (Photo: Getty Images)
पूरी स्थिति को काफी चुनौतीपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर इन 42 दिन में उद्योग सामान्य बिक्री हासिल कर पाया, तो उसे काफी भाग्यशाली माना जाएगा. लेकिन नुकसान का अंदेशा है. त्योहारी सीजन में हमारी खुदरा बिक्री 4 से 4.5 लाख यूनिट्स रहती है. लेकिन इस बार इसके 3 से 3.5 लाख यूनिट्स रहने का ही अनुमान है. अगर हम यह आंकड़ा भी हासिल कर पाए, तो काफी भाग्यशाली होंगे. (Photo: Getty Images)