पेट्रोल-डीजल महंगे होने से लोग कार-बाइक खरीदने से पहले माइलेज पर फोकस करते हैं. ग्राहक ऐसी गाड़ियों की तलाश करते हैं, जिससे कम खर्चे में लंबा सफर तय किया जा सके. अक्सर लोग माइलेज के चक्कर में डीजल कारें खरीद लेते हैं. (Photo: Getty Images)
पेट्रोल के मुकाबले डीजल कारें ज्यादा माइलेज देती हैं. लेकिन क्या केवल माइलेज देखकर वाहन खरीदना चाहिए. एक्सपर्ट की हमेशा सलाह रहती है कि कार-बाइक खरीदते वक्त माइलेज का ध्यान जरूर रखें, लेकिन इसके अलावा भी कई अहम पहलू हैं, जिसपर जरूर गौर करें. (Photo: Getty Images)
दरअसल, आज से कुछ साल पहले तक पेट्रोल और डीजल के दामों में काफी अंतर थे. धीरे-धीरे अब ये अंतर कम हो गए हैं. फिलहाल करीब 10 फीसदी का अंतर है. अब आइए जानते हैं, केवल माइलेज देखकर कार-बाइक क्यों नहीं खरीदें.
भारत में बीएस-6 नॉर्म्स लागू होने के बाद से तमाम ऑटो कंपनियां डीजल कारें कम बना रही हैं. डीजल कारों के कई नुकसान भी हैं. पेट्रोल के मुकाबले डीजल कारें ज्यादा NO2 का उर्त्सन करती हैं, जो वातावरण के साथ-साथ सेहत के लिए भी हानिकारक है. इसी वजह से दिल्ली जैसे शहरों में CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है. (Photo: File)
पेट्रोल के मुकाबले डीजल कारों पर सर्विसिंग में ज्यादा खर्च होता है. जैसे-जैसे डीजल कारें पुरानी होती जाएंगी, पेट्रोल कार के मुकाबले मेनटेंस में खर्च उसपर बढ़ता जाएगा. इसके अलावा पेट्रोल इंजन के मुकाबले डीजल इंजन की लाइफ भी कम होती है. (Photo: File)
पेट्रोल के मुकाबले डीजल कारें ज्यादा महंगी
सबसे खास बात यह है कि जब आप डीजल कार खरीदते हैं तो ये पेट्रोल कार के मुकाबले ज्यादा महंगी होती है. जो खरीदते समय ही चुकानी पड़ती है. ऐसे में आप खुद हिसाब लगा सकते हैं कि बचत किसमें है. एक और खास बात डीजल कारों की रिसेल वैल्यू कम है. (Photo: File)
इंश्योरेंस प्रीमियम अधिक
डीजल कारों का इंश्योरेंस प्रीमियम भी अधिक लगता है. ऐसे में अगर आपको बहुत ज्यादा लंबा सफर नहीं करता पड़ता है तो फिर पेट्रोल कार खरीदने में ही भलाई है. डीजल कार उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होती है, जिन्हें लगातार लंबा सफर करना पड़ता है.
अगर बाइक की बात करें तो यहां भी कार वाला ही नियम लागू होता है. अगर आपको रोज 10 से 15 किलोमीटर का सफर करना है तो माइलेज वाली बाइक के पीछे भागने की कोई जरूरत नहीं है. इससे बहुत ज्यादा बचत नहीं होनी वाली है. हालांकि अगर फील्ड का जॉब है, और रोज लंबा सफर तय करना है तो फिर कई बेहतरीन माइलेज वाली बाइक विकल्प है. (Photo: File)