कोरोना के मामले जैसे-जैसे कम हो रहे हैं, वैसे-वैसे आर्थिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट रही हैं. इसी कड़ी में देश की प्रमुख वाहन कंपनियों ने अपने प्रोडक्शन को 'सामान्य स्तर' पर लाने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
कंपनियों की मानें तो पुराने ऑर्डरों को पूरा करने और मांग को देखते हुए प्रोडक्शन बढ़ाया जा रहा है. दरअसल, लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों की वजह से पिछले दिनों कंपनियों को प्रोडक्शन अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा था. वाहन कंपनियों का मानना है कि विभिन्न राज्यों में डीलरशिप खुलने के बाद कारोबारी गतिविधियां रफ्तार पकड़ेंगी.
टाटा मोटर्स यात्री कारोबार इकाई के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने पीटीआई से कहा कि विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन में ढील के बाद उत्पादन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. जून के अंत तक यह सामान्य स्तर पर पहुंच जाएगा. उन्होंने कहा कि अप्रैल और मई में लॉकडाउन की वजह से कंपनी के 50 फीसदी मैनपावर के साथ प्रोडक्शन प्लांट को चला रहा था.
महिंद्रा एंड महिंद्रा के CEO (ऑटोमोटिव डिविजन) विजय नाकरा ने कहा कि हम डिमांड और सप्लाई की स्थिति की सावधानी से समीक्षा कर रहे हैं और उसके आधार पर ही अपने परिचालन को आगे बढ़ा रहे हैं. हमारा ध्यान उपभोक्ताओं, डीलरों और आपूर्तिकर्ताओं के हितों का संरक्षण करने पर है.
वहीं देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी के संयंत्रों में परिचालन पूरी सावधानी और संशोधित सुरक्षा प्रोटोकॉल्स के साथ शुरू हो गया है. उन्होंने कहा, 'हम सतर्कता से उत्पादन बढ़ा रहे हैं. इस बीच, हम प्राथमिकता के आधार पर अपने कर्मचारियों और उनके परिजनों का टीकाकरण करा रहे हैं.'
वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के आंकड़ों के अनुसार मई में कुल वाहन उत्पादन 57 फीसद घटकर 8,06,755 यूनिट्स रह गया, जो अप्रैल में 18,75,698 यूनिट्स था. इसी तरह यात्री वाहनों का उत्पादन 58 प्रतिशत घटकर 1,28,225 यूनिट्स रह गया, जो अप्रैल में 3,05,952 यूनिट्स था.
होंडा कार्स इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं निदेशक (बिक्री एवं विपणन) राजेश गोयल ने कहा कि विभिन्न राज्यों में डीलरशिप को खोलने की ढील के बाद कंपनी को आगे चलकर कारोबारी गतिविधियों में सुधार की उम्मीद है.