पूरे देश में फास्टैग लागू हो गया है. लेकिन अब लोगों को फास्टैग से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं. जैसे फास्टैग गुम, डैमेज (क्षतिग्रस्त) और फट जाने पर क्या करें? इसके अलावा फास्टैग खराब या फिर चोरी होने की स्थिति में वॉलेट में रखे पैसे सुरक्षित रहेंगे या नहीं? दोबारा फास्टैग लेने के लिए क्या करना होगा, और इसपर कितना खर्च आएगा? इन सारे सवालों के जवाब आपको यहां मिल जाएंगे.
दरअसल देशभर में सभी गाड़ियों पर फास्टैग लगाना जरूरी हो गया है. फास्टैग को गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाना होता है. इसे लगाने के बाद टोल प्लाजा से गुजरने पर वहां लगे कैमरे इसे स्कैन कर लेते हैं. इसके बाद टोल की रकम आपके अकाउंट से अपने आप कट जाएगी. ये प्रक्रिया चंद सेकंड में पूरी हो जाती है. अब आइए इससे जुड़ी समस्या का समाधान बताते हैं.
फास्टैग गुम, डैमेज (क्षतिग्रस्त) या फट जाने पर क्या करें?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक एक वाहन के लिए केवल एक फास्टैग मिलता है. अगर फास्टैग डैमेज हो जाए तो आप आसानी से उसे बदल सकते हैं. क्योंकि एक गाड़ी के लिए केवल एक फास्टैग नंबर जारी होता है, जिसमें व्हीकल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), टैग आईडी समेत दूसरे डिटेल्स भरने होते हैं. ऐसे में केवल पुरानी डिटेल देकर फिर से फास्टैग को इश्यू करवाया जा सकता है.
कैसे होगा दोबारा फास्टैग जारी?
अगर आपका फास्टैग काम नहीं कर रहा है तो आप आप घर बैठे क्षतिग्रस्त या फिर फटे फास्टैग को बदल सकते हैं. इसके लिए आप Paytm के जरिये नया फास्टैग जारी करवा सकते हैं. इसके लिए 100 रुपये चार्ज वसूला जाता है. आप ऐप के माध्यम से गाड़ी का RC और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर देकर दोबारा फास्टैग मंगवा सकते हैं.
फास्टैग में रखे कैश की वैधता कब तक?
कुछ लोगों के मन में सवाल रहता है कि यह फास्टैग कब तक चलेगा? बता दें, फास्टैग में रखे कैश की वैधता अनलिमिटेड होती है. यानी कभी भी फास्टैग बदलना पड़े तो पैसे नए फास्टैग में ट्रांसफर हो जाएंगे. फास्टैग को My FASTag ऐप या नेटबैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, पेटीएम और अन्य लोकप्रिय तरीकों के जरिए रिचार्ज किया जाता है, आप इन ऐप्स के जरिये फास्टैग बदल सकते हैं.
फास्टैग गुम हो गया तो पैसों का क्या होगा?
गाड़ी चोरी होने पर बैंक की हेल्पलाइन पर फोन कर ही फास्टैग को ब्लॉक करवा सकते हैं. गाड़ी का शीशा टूटने पर अक्सर फास्टैग खराब हो जाता है तो आप उसे कहीं भी बदल सकते हैं. अगर आप खुद बैंक या फिर फास्टैग सेंटर में जाकर अपनी गाड़ी का आरसी और दस्तावेज दिखाकर दूसरा फास्टैग लेते हैं तो कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा.