भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अंदर आने वाली कंपनी सुपर एनर्जी सर्विस (EESL) टाटा मोटर्स और हुंडई मोटर इंडिया से 250 इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद करेगी. इन कंपनियों का चयन एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है, जिसका उद्देश्य भागीदारी को बढ़ावा देना था.
टाटा मोटर्स लिमिटेड और हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने निविदा मे जीत हासिल की. अब सरकारी उपयोग के लिए 150 नेक्सन इलेक्ट्रिक कॉम्पैक्ट एसयूवी और 100 कोना इलेक्ट्रिक प्रीमियम एसयूवी खरीदी जाएंगी.
इस खरीद में हाल ही में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा प्रदान किए गए 5 मिलियन अमरीकी डॉलर अनुदान का उपयोग किया जाएगा. ईईएसएल को एडीबी से डिमांड साइड एनर्जी एफिशिएंसी सेक्टर प्रोजेक्ट्स जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए वित्तपोषण प्राप्त हुआ है.
ईईएसएल के कार्यकारी उपाध्यक्ष सौरभ कुमार ने कहा, 'हमारे ई-मोबिलिटी कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने से, तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत की बिजली क्षमता में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा.' उन्होंने कहा कि इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा में बहुत इजाफा होगा और परिवहन क्षेत्र की ओर से जीएचजी उत्सर्जन में भी कमी आएगी. इसके अलावा, हम ईवी चार्जिंग स्टेशनों की तेजी से स्थापना की दिशा में भी काम कर रहे हैं, जो इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देगा, आगे बढ़ाएगा.
हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के एमडी और सीईओ सीन सेओब किम ने कहा कि पर्यावरण को ध्यान में रखकर कंपनी प्रोडक्ट पर फोकस कर रही है. ऐसे वाहन पर फोकस कर रहे हैं, जो ग्राहकों को सबसे अच्छा अनुभव प्रदान करते हैं. वहीं टाटा मोटर्स ने कहा कि कंपनी पूरे भारत में अपनी पहुंच और उपयोगिता को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
ईईएसएल 14.86 लाख रुपये प्रति टाटा नेक्सन की दर से खरीद करेगा, जो कि 14.99 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत से 13,000 रुपये सस्ता है, जबकि, हुंडई कोना, जो उच्च श्रेणी प्रदान करता है, को 21.36 लाख रुपये प्रति के दर से 11% कम कीमत वाले मूल्य पर और तीन साल की वारंटी के साथ खरीदा जाएगा.