अगर सबकुछ ठीक रहा तो त्योहारी सीजन में बाइक या स्कूटी के भाव कम हो जाएंगे. इसके संकेत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी दिए हैं. निर्मला सीतारमण ने ये संकेत ऐसे समय में दिए हैं जब जीएसटी काउंसिल की बैठक होने वाली है.
दरअसल, वित्त मंत्री ने कहा कि दोपहिया वाहन न तो विलासिता का सामान है और न ही यह अहितकर सामाना की श्रेणी में आता है इसलिये इस पर जीएसटी दर में संशोधन का मामला बनता है. उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहन पर जीएसटी दर में संशोधन के मामले पर जीएसटी काउंसिल की बैठक में गौर किया जायेगा.
आपको बता दें कि दोपहिया वाहनों पर वर्तमान में 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता है. पिछले साल देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी हीरो मोटो कॉर्प ने सरकार से इस संबंध में अपील भी की थी.
जानकारों के मुताबिक इसकी शुरुआत 150 सीसी की मोटरसाइकिल को जीएसटी के 18 प्रतिशत स्लैब में लाकर की जा सकती है.
बता दें कि देश के लाखों मध्यम वर्गीय परिवार की आज दोपहिया वाहन मूलभूत जरूरत बन गई है लेकिन जीएसटी के मामले में इसे भी तंबाकू, सिगार जैसी अहितकर वस्तुओं की श्रेणी में रखा गया है.