दुनियाभर में चल रही सेमीकंडक्टर की कमी से ऑटो कंपनियां बड़ी दिक्कत में है. फेस्टिव सीजन में ऑर्डर होने के बावजूद कारों की समय पर डिलीवरी में दिक्कत आ रही है. इससे कारों का वेटिंग पीरियड बढ़ गया है और कुछ मॉडल्स के लिए ये 12 महीने तक है. जानें क्या है मार्केट का हाल...
ऑटो कंपनियों का सप्लाई संकट
चिप यानी सेमीकंडक्टर की कमी से ऑटो कंपनियों का प्रोडक्शन घटा है. ऑटो कंपनियों के संगठन SIAM के मुताबिक सितंबर में ऑटो सेक्टर की थोक बिक्री में 41% से ज्यादा गिरावट देखी गई है यानी कंपनियों से वाहनों की सप्लाई डीलर तक घटी है. इस तरह चिप संकट से सप्लाई का संकट बना हुआ है.
रिकवरी के बाद फिर गिरावट
वर्ष 2020 की तुलना में इस साल अप्रैल-जून में ऑटो कंपनियों ने 140% की वी-शेप रिकवरी देखी थी. लेकिन वाहनों की बढ़ती लागत, कच्चे माल की कीमतों में तेजी का असर ये हुआ कि कंपनियों को अपने वाहनों की कीमत बढ़ानी पड़ी. साथ ही पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी इसमें सोने पर सुहागे का काम किया. वहीं चिप की कमी से कारों की डिलीवरी में देरी हुई और इनका नॉर्मल वेटिंग पीरियड भी 2 महीने से लेकर 7 महीने और कुछ मॉडल्स का 12 महीने तक हो गया है.
(Photo : Getty)
तीन बार महंगी हो चुकी हैं गाड़ियां
गाड़ियों के महंगे होने का हाल ये है कि Toyota, Hyundai, Mahindra अपनी कारें महंगी करने की घोषणा कर चुकी हैं. देश की सबसे बड़ी कंपनी Maruti Suzuki जनवरी से अब तक तीन बार कीमतें बढ़ा चुकी है और Tata Motors तो कार से लेकर ट्रक और बस की कीमतों को भी इसी महीने बढ़ा चुकी है. लेकिन इन सबसे सेकेंड हैंड कारों के मार्केट में चमक आई है.
सेकेंड हैंड कारों का जलवा
CarDekho के सेकेंड हैंड कार बिजनेस के सीईओ उमेश होरा का कहना है कि चिप की कमी और नई कारों की लंबी वेटिंग की वजह से सेकेंड हैंड कारों की सेल में बढ़ोत्तरी देखी गई है. हमारे पास सेकेंड कारों की इंक्वायरी पिछले 4 हफ्तों के मुकाबले 3 गुना बढ़ी है. पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का कोई असर नहीं पड़ा है. (Photo : Getty)
बुकिंग ज्यादा डिलीवरी कम
देशभर के ऑटो डीलरों के संगठन Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) का कहना है कि फेस्टिव सीजन में पैसेंजर व्हीकल की बुकिंग बढ़ी है. लेकिन कंपनियां ऑर्डर को पूरा ही नहीं कर पा रही. पिछले साल कोरोना और लॉकडाउन की वजह से मार्केट में डिमांड की समस्या थी. अब इस साल सप्लाई परेशानी बनी हुई है. कुछ गाड़ियों का वेटिंग पीरियड सालभर तक का है.
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