भारत में आज बुलडोजर के रूप में जो मशीन फेमस है, असल वो JCB का बैकहो लोडर (Backhoe Loader) है. लेकिन बुलडोजर हमेशा से ऐसे नहीं थे, बल्कि कंस्ट्रक्शन और माइनिंग के काम को आसान बनाने के लिए पहले बनाए गए एक्सकेवेटर्स और भारत में JCB के अपना कारखाना शुरू करने से कई साल पहले ही Tata की एक कंपनी ने इंडिया में एक्सकेवेटर्स बनाना शुरू कर दिया था. इसके बाद भारत सरकार की एक और कंपनी ने BEML ने भी इस तरह की मशीन इंडिया में बनाना शुरू किया.
ऐसे Telcon बनी Tata Hitachi
तो Tata की जिस कंपनी ने इंडिया में कंस्ट्रक्शन इक्विमेंट बनाने शुरू किए, उसने 1961 में Tata Engineering and Locomotiv Company (Telco) की एक डिवीजन के तौर पर काम करना शुरू किया. Telco बाद में Tata Motors कहलाने लगी और इसकी कंस्ट्रक्शन इक्विमेंट बनाने वाली डिवीजन को पहचाना जाने लगा Telcon के नाम से, बाद में जापान की कंस्ट्रक्शन मशीनरी कंपनी Hitachi के साथ Telcon का कोलेब्रेशन हुआ और बाद में कई सालों के बाद 2012 में ये कंपनी Tata Hitachi कहलाने लगी.
1961 में लॉन्च हुआ पहला एक्सकेवेटर
आज हम जिस बैकहो लोडर को बुलडोजर के तौर पर जानते हैं, उससे पहले एक्सकेवेटर बनने शुरू हुए. इसमें आज के बुलडोजर की तरह ट्रैक्टर की तरह बड़े पहिए नहीं होते थे, बल्कि ये टैंक की तरह लोहे के टायर बेड पर चलने वाली मशीन होती है. इसका उपयोग सबसे ज्यादा खदानों में माल की लदाई, जमीन खुदाई के लिए होता था. Telcon ने अपना 955 एक्सकेवेटर 1961 में लॉन्च किया.
इसके बाद 1964 में कंपनी ने छोटा एक्सकेवेटर 655 एक्सकेवेटर बनाया और 1971 में कंपनी ने क्रेन बनानी भी शुरू कर दी. इसके बाद कंपनी सभी तरह के कंस्ट्रक्शन इक्विमेंट एक-एक कर बनाने लगी और इसमें बैकहो लोडर यानी आज का बुलडोजर भी शामिल है. साल 2017 में कंपनी ने बैकहो लोडर की एक पूरी नई रेंज भी शुरू की. Tata Hitachi अभी भारत की सिंगल ब्रांड के तहत कंस्ट्रक्शन इक्विमेंट की सबसे बड़ी रेंज देन वाली कंपनी है. वहीं कंस्ट्रक्शन इक्विमेंट बनाने वाली भारत सरकार की कंपनी BEML ने Telcon के बाद 1964 में काम शुरू किया.
1979 में भारत आई JCB
आज जिस 'JCB की खुदाई’ भारत में इतनी मशहूर है. ब्रिटेन की इस कंपनी ने इंडिया में 1979 में काम करना शुरू किया. आज कंपनी की इंडिया में 5 फैक्टरी है, जिसमें पहली फैक्टरी वल्लभगढ़ में लगी. हालांकि जिसे आज आप और हम बुलडोजर के तौर पर जानते हैं, वो इंडिया में यही कंपनी लेकर आई. हाल में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन ने इस कंपनी की गुजरात में नई फैक्टरी का उद्घाटन किया है.
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