नए जमाने की टेक्नोलॉजी से लैस कारों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अगला सप्ताह शानदार साबित होने वाला है. अगले सप्ताह हाइब्रिड से लेकर इलेक्ट्रिक व्हीकल और फ्लेक्स इंजन वाली तीन शानदार कारें बाजार में उतरने वाली हैं. फेस्टिव सीजन से ठीक पहले सभी कार कंपनियां अपने नए मॉडलों को लॉन्च कर मौके को ज्यादा से ज्यादा भुनाने का प्रयास कर रही हैं. इसी कड़ी में अगले सप्ताह मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और टोयोटा अपनी कारें उतार रही हैं.
Maruti Grand Vitara: इस कड़ी में सबसे पहला नाम है मारुति की ग्रैंड विटारा एसयूवी की. मारुति की इस बहुप्रतीक्षित एसयूवी की बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है. कंपनी को अभी तक इस कार के लिए 55 हजार से ज्यादा बुकिंग मिल चुकी है. कंपनी इस महीने के अंत में यानी अगले सप्ताह ग्रैंड विटारा की कीमतों का खुलासा करेगी. मारुति की यह कार हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है. इसके कुछ वेरिएंट की वेटिंग पीरियड अभी ही 5-6 महीने के पार निकल चुकी है. कंपनी इसे 6 ट्रिम्स 'सिग्मा, डेल्टा, जेटा, अल्फा, जेटा+ और अल्फा' में लॉन्च करने जा रही है. इसमें टोयोटा हाइराइडर जैसे फीचर्स होंगे. ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी इस कार में कुछ नए फीचर्स भी जोड़ सकती है.
Tata Tiago EV: इलेक्ट्रिक व्हीकल के बाजार की बात करें तो भारत में टाटा मोटर्स का एकतरफा राज चल रहा है. टाटा नेक्सन के इलेक्ट्रिक व्हीकल मॉडल को काफी बढ़िया सफलता हाथ लगी है. कंपनी अब एसयूवी के साथ ही हैचबैक में भी ग्राहकों को ईवी का विकल्प देने जा रही है. 28 सितंबर को टाटा मोटर्स टियागो ईवी लॉन्च करने वाली है, जो कंपनी की तीसरी इलेक्ट्रिक कार होगी. ऐसा माना जा रहा है कि इसकी एक्स-शोरूम कीमत 10 लाख रुपये के आस-पास हो सकती है. इस कंपनी में टियागो के ज्यादातर फीचर्स रहने के अनुमान हैं. कंपनी इसमें एडजस्टेबल रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम और क्रूज कंट्रोल भी दे सकती है.
Toyota Camry Flex Fuel: 28 सितंबर को ही टोयोटा की भी एक नई कार लॉन्च होने वाली है. टोयोटा की यह कार अत्याधुनिक फ्लेक्स इंजन बेस्ड होगी. टोयोटा कैमरी फ्लेक्स फ्यूल के बारे में ज्यादा जानकारियां अभी सामने नहीं आई हैं. इसके फीचर्स और कीमत की जानकारी लॉन्चिंग के बाद ही मिल सकेगी. अभी आपको इतना बता सकते हैं कि फ्लेक्स फ्यूल इंजन वाली गाड़ियां एक से ज्यादा प्रकार के ईंधनों से चल पाती हैं. ऐसी कारों को पेट्रोल के अलावा इथेनॉल पर भी चलाया जा सकता है. ऐसे में ये कारें पर्यावरण के अधिक अनुकूल हो जाती हैं और इन्हें चलाने का खर्च भी कम हो जाता है.