दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली की EV Policy जारी की थी. इसकी सबसे बड़ी खासियत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से लेकर कार इत्यादि पर भारी सब्सिडी मिलना है. लेकिन दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलने वाली ये सब्सिडी क्या बंद होने जा रही है, इस पर बवाल खड़ा हो गया है. अब सरकार ने इस पर अपनी ओर से सफाई दी है.
दिल्ली सरकार का बयान
दिल्ली सरकार ने अपने बयान में कहा है कि सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल सब्सिडी ( EV Subsidy) खत्म नहीं की है. ना ही इसका फैसला वापस लिया है. सरकार ने जब इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी जारी की थी तब ही कहा था कि ये पहली 1,000 इलेक्ट्रिक कार के लिए लागू होगी. दिल्ली में इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन पहले ही इस सीमा को पार कर चुका है.
सरकार ने कहा कि परिवहन विभाग अब तक 700 इलेक्ट्रिक कारों के लिए 10.47 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी कर चुकी है. सरकार बहुत जल्द उन 1,000 कारों की लिस्ट जारी करेगी जो सब्सिडी की हकदार हैं.
इतनी मिलती है सब्सिडी
दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत राजधानी में पहले खरीदी जाने वाली 1,000 इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर सब्सिडी दी जानी है. इसमें 10,000 रुपये प्रति किलोवाट बैटरी क्षमता के हिसाब से सब्सिडी दी जाती है और एक गाड़ी पर ये 1.5 लाख रुपये तक हो सकती है. इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स से भी छूट मिलती है. इसी तरह इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर और अन्य वाहनों पर ये सब्सिडी अमाउंट 5,000 रुपये प्रति किलोवाट है जो अधिकतम 30,000 रुपये हो सकती है.
बिकी 7500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कार
दिल्ली में जुलाई से सितंबर के बीच 7,869 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है. जबकि इस पूरी अवधि में दिल्ली में 1.5 गाड़ियों की बिकी दर्ज की गई. इस तरह इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी करीब 7% रही. वहीं अगस्त से अक्टूबर के बीच 22,805 इलेक्ट्रिक गाड़ी रजिस्टर की गईं. इस तरह अक्टूबर तक के आंकड़ों के हिसाब से पिछले चार महीने में दिल्ली में करीब 31,000 इलेक्ट्रिक गाड़ियां रजिस्टर हुई हैं.
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