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Electric Scooter Fire: इलेक्ट्रिक स्कूटरों की डिमांड देश में तेजी से बढ़ रही है. तेजी से इलेक्ट्रिफाइड होते इंडियन स्ट्रीट को यूं पारंपरिक फ्यूल पर निर्भरता कम करते देखना बेहद ही सुखद है. सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को प्रोत्साहित कर रही है. लेकिन इन सबके बीच इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाएं भी चिंता का विषय बन रही हैं. बीते दिनों एक ऐसे ही इलेक्ट्रिक स्कूटर से निकली आग ने बहुमंजिली इमारत को अपने चपेटे में ले लिया, जिसमें 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई लोग बुरी तरह झुलस गए.
क्या था मामला:
बीते दिनों दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके में चार मंजिला बिल्डिंग में आग लग गई. जिस इमारत में आग लगी उसके बेसमेंट में 11 बाइकें खड़ी थीं. बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल एक्टिविटी होती थी. आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां कोई इलेक्ट्रिक टू व्हीलर मालिक अपने वाहन को चार्जिंग में लगाकर चला गया था. सबसे पहले आग स्कूटर में लगी जो इलेक्ट्रिक मीटर तक पहुंच गई. इस दौरान पास खड़ी अन्य बाइक्स में भी आग लग गई. देखते ही देखते आग ऊपरी मंजिल तक फैल गई और पूरी बिल्डिंग को अपनी जद में ले लिया.
इस हादसे के दौरान जब फायर ब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें पहली मंजिल पर एक जला हुआ शव मिला और 12 लोगों का ऊपरी मंजिल से रेस्क्यू किया गया, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया. इनमें से गंभीर रूप से घायल दो लोगों को जीटीबी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक व्यक्ति को मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया.
ऐसे में सवाल ये उठता है कि, इलेक्ट्रिक स्कूटरों का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है. आग लगने के कई कारण हो सकते हैं, मसलन बैटरी में प्रॉब्लम या फिर शॉर्ट सर्किट इत्यादि. लेकिन चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसलिए एक इलेक्ट्रिक स्कूटर ओनर होने के नाते आपको चार्जिंग के दौरान कुछ ख़ास बातों का विशेष ख्याल रखना जरूरी है.
पार्किंग:
इलेक्ट्रिक स्कूटर को हमेशा खुले और ठंडे एरिया में पार्क करें. आमतौर पर देखा जाता है कि लोग दोपहिया वाहनों को संकरी गली या कंजस्टेड एरिया में खड़ा कर देते हैं. इसके अलावा कभी भी स्कूटर को सीधे सूरज की रोशनी में खड़ी न करें. मौजूदा समय में देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान 45 डिग्री से ज्यादा पहुंच चुका है, ख़ासकर उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है. ऐसे में ये स्कूटर के बैटरी और अन्य कंपोनेंट्स ज्यादा गर्म कर सकता है. हीट ज्यादा होने के कारण स्कूटरों में आग लगने की संभावना बढ़ जाती है.
राइड के तत्काल बाद चार्जिंग:
कुछ लोगों में देखा जाता है कि, वो इलेक्ट्रिक स्कूटर और स्मार्टफोन में कोई फर्क नहीं समझते हैं. बैटरी खत्म होने की चिंता से ग्रस्त ये लोग छोटी सी राइड भी लेकर आते ही अपने स्कूटर को चार्जिंग में लगा देते हैं. ये बेहद ही खतरनाक है. कभी भी राइड से लौटने के तत्काल बाद स्कूटर को चार्जिंग में न लगाए. कम से कम राइड के 30 मिनट के बाद ही स्कूटर चार्ज करें. क्योंकि इस दौरान बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) को EV कंपोनेंट्स और बैटरी पैक को ठंडा करने का मौका मिलता है.
ओरिजनल चार्जर:
इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने के लिए हमेशा वाहन निर्माता कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजन चार्जर का ही इस्तेमाल करें. यदि आपका चार्जर डैमेज हो या फिर ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है तो कोई भी जुगाड़ लगाने की गलती न करें. ऐसी स्थिति कंपनी के सर्विस सेंटर से सुझाव लें और जरूरत पड़े तो चार्जर को रिप्लेस करें. कभी भी लोकल या ऑफ्टर मार्केट चार्जर से स्कूटर को चार्ज करने की गलती न करें.
बैटरी रखें सुरक्षित:
यदि आप ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं जिसमें स्वैपेबल या रिमूवेबल बैटरी की सुविधा दी गई है. तो इस स्थिति में बैटरी को सुरक्षित ढंग से सावधानी पूवर्क स्कूटर से बाहर निकालें और फिर उसे लगाएं. बैटरी का वजन ज्यादा होता है और जल्दबाजी में बैटरी का रिप्लेसमेंट इसे डैमेज कर सकता है.
ओवरचार्जिंग न करें:
कुछ लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर को रात के समय चार्जिंग पर लगाकर भूल जाते हैं. जिससे बैटरी ओवरचार्ज होती है और ओवरहीट होने की समस्या होती है. कई बार ऐसी स्थिति में आग लगने का भी खतरा होता है. इसलिए स्कूटर की बैटरी को कंपनी द्वारा निर्देशित समय तक ही चार्ज करें. इससे बैटरी की लाइफ भी बेहतर रहेगी और कोई खतरा भी नहीं होगा.