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शॉकिंग! 50% इलेक्ट्रिक कार मालिक बदलना चाहते हैं गाड़ी! TATA के EV की बिक्री में भी 21% की गिरावट

Electric Car Sales: दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर जैसे शहरों में किए गए ताजा सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है कि, तकरीबन 51 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन मालिक वापस पेट्रोल-डीजल वाहनों में स्विच करना चाहते हैं. दूसरी ओर सेग्मेंट की लीडर कही जाने वाली Tata Motors के इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में भी बड़ी गिरावट देखी गई है.

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Electric Car
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नए कार खरीदारों के बीच बीते कुछ सालों में EV यानी इलेक्टिक वाहनों की चर्चा ने तेजी से जोर पकड़ा है. जब भी दो लोगों के बीच नई कार को लेकर बातचीत हो रही है तो उनमें EV का जिक्री होना भी आम है. इसका असर पिछले कुछ महीनों में कारों की बिक्री पर भी देखने को मिला. देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स अपने सबसे बड़े इलेक्ट्रिक व्हीकल पोर्टफोलियो के साथ EV सेग्मेंट की लीडर जरूर बनी है. लेकिन बीते जुलाई में टाटा को भी तगड़ा झटका लगा है. इसके अलावा एक सर्वे ने भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों की मंशा को जाहिर कर भारत में EV के भविष्य पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया है.

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क्या कहता है सर्वे:

सबसे पहले बात करते हैं सर्वे की. पार्क+ (Park +) द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में कुल 51% ईवी कार मालिक पेट्रोल या डीजल वाहनों का उपयोग करना चाहते हैं. बता दें कि पार्क+ भारतीय शहरों में आवासीय और कॉमर्शियल परिसरों में पार्किंग सॉल्यूशन प्रदान करता है. इसने दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर में लगभग 500 ईवी कार मालिकों का सर्वे किया है.

सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि, इलेक्ट्रिक वाहन मालिक औसतन पारंपरिक ICE (पेट्रोल-डीजल) वाहन मालिकों की तुलना में कम संतुष्ट हैं. इसके लिए उन्होनें इलेक्ट्रिक कारों से जुड़ी रोजमर्रा की अलग-अलग तरह की परेशानियों को जिम्मेदार ठहराया है. इसमें चार्जिंग इंफ्रा, मेंटनेंस, रेंज एंजायटी, रीसेल वैल्यू और उंची कीमत जैसे कई पहलूओं को उजागर किया गया है.

EV

चार्जिंग बनी सबसे बड़ी चिंता:

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इस रिपोर्ट के अनुसार कार को चार्ज करने की सुविधा को लेकर सबसे ज्यादा 88% लोगों ने चिंता व्यक्त की है. यह समस्या रेंज एंजायटी से भी आगे निकल चुकी है. जो परंपरागत रूप से एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय रही है. देश भर में 20,000 से अधिक ईवी चार्जिंग स्टेशन मौजूद होने के बावजूद, इस सर्वे में जवाब देने वाले वालों ने इन चार्जिंग स्टेशनों तक पहुंच और ट्रांसपेरेंसी को लेकर निराशा व्यक्त की है. ज्यादातर लोगों का कहना है कि, सेफ और एक्टिव चार्जिंग स्टेशन ढूंढना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. भले ही अधिकांश वाहन मालिक या चालक इंटर-सिटी ट्रैवेल कर रहे हों.

इलेक्ट्रिक कारों का मेंटनेंस:

दिग्गज EV कार कंपनियां भी लगातार ये दावा करती रही हैं कि इलेक्ट्रिक कारों में किसी भी पेट्रोल-डीजल वाहन की तुलना में कम कंपोनेंट्स होते हैं. जिससे वियर-टियर कम होता है और मेंटनेंस आसान होता है. लेकिन इस सर्वे का दावा है कि तकरीबन 73% इलेक्ट्रिक कार मालिकों ने मेंटनेंस को एक बड़ी परेशानी बताया है. जिनके अनुसार उनके इलेक्ट्रिक वाहन अक्सर "एक ब्लैक बॉक्स" की तरह महसूस होते है, जिसे समझना मुश्किल है. सबसे बड़ी बात ये है कि स्थानीय मैकेनिक छोटी-मोटी समस्याओं को हल करने में असमर्थ हैं. कई इलेक्ट्रिक कार मालिकों ने रिपेयरिंग शॉप के विकल्पों की कमी मेंटनेंस कॉस्ट को लेकर क्लीयर इमेज न मिलने पर भी निराशा व्यक्त की है.

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रीसेल वैल्यू:

इलेक्ट्रिक वाहनों की रीसेल वैल्यू भी इस सर्वे के दौरान एक बड़ी समस्या के रूप में उभरा है. तकरीबन 33% लोगों ने अपने जवाब में बताया कि, जब उन्होनें अपने मौजूदा इलेक्ट्रिक कार की रीसेल वैल्यू को चेक किया तो उन्हें उम्मीद से काफी कम अमाउंट ऑफर किया गया. माना जा रहा है कि, EV इकोसिस्टम के बेहतर होने के साथ ही रीसेल वैल्यू में भी इजाफा हो सकता है.

अन्य पेट्रोल-डीजल वाहनों की रीसेल वैल्यू को उनके मेक-मॉडल, माइलेज या चलने की अवधि के आधार पर आसानी से कैल्कुलेट किया जा सकता है. लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों के ऐसा नहीं है, क्योंकि अभी सभी लोग EV से परिचित नहीं है और उनकी बैटरी लाइफ के आधार पर उनकी रीसेल वैल्यू तय करना थोड़ा मुश्किल है. किसी भी EV की बैटरी की कीमत वाहन की कुल कीमत का तकरीबन 40% हिस्सा होती है.

Tata EV

Nexon EV पहली पसंद: 

इस सर्वे रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टाटा की Nexon EV लोगों के बीच में सबसे ज्यादा मशहूर है. तकरीबन 61% लोगों ने इस एसयूवी को वोट किया है वहीं दूसरे च्वॉइस के तौर पर Tata Punch EV को तकरीबन 19% लोगों ने वोट किया है. इसके अलावा बाजार में उपलब्ध अन्य मॉडलों को चुना गया है.

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लीडर की रफ्तार हुई धीमी:

बता दें कि, अप्रैल-जून की तिमाही में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में साल-दर-साल 7%  की गिरावट देखी गई है. वहीं EV सेग्मेंट की लीडर कही जाने वाली टाटा मोटर्स की बिक्री बीते जुलाई में 21% तक गिर गई है. कंपनी ने जुलाई में घरेलू बाजार में कुल 5,027 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री की है. जो कि पिछले साल के जुलाई में बेचे गए 6,329 यूनिट्स की तुलना में तकरीबन काफी कम है. टाटा के पोर्टफोलियो में नेक्सॉन ईवी, पंच ईवी, टिएगो ईवी, टिगोर ईवी सहित कई मॉडल शामिल है. इसके अलावा टाटा इसी अगस्त में अपनी नई इलेक्ट्रिक कार के तौर पर Curvv EV को भी लॉन्च करने जा रहा है. 

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