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सेफ्टी को लेकर सख्त हुई सरकार, 6 एयरबैग्स पर मारुति का जवाब- फिर नहीं बनाएंगे छोटी कार

देश में रिकॉर्ड सड़क हादसों को लेकर सरकार सेफ्टी नियमों को कड़ा कर रही है, वहीं दूसरी ओर मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां इसका विरोध कर रही हैं. मारुति ने तो यहां तक कह दिया कि छह एयरबैग अनिवार्य किए जाने पर वह छोटी कारें बनाना बंद कर देगी.

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मारुति बंद करेगी छोटी कारें
मारुति बंद करेगी छोटी कारें
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत में होती हैं सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं
  • कारों की सेफ्टी पर सख्त हैं गडकरी

सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) के मामले में भारत दुनिया के सबसे प्रभावित देशों में से एक है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर साल देश में करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है. इसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार कारों की सेफ्टी (Car Safety) को लेकर सख्त रवैया अपनाने जा रही है.

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने 6 एयरबैग्स (Airbags) अनिवार्य बनाने समेत स्वदेशी सेफ्टी मानक भारत एनकैप (Bharat NCap) का ऐलान कर दिया है. हालांकि कार कंपनियां (Car Companies) सरकार के इस कदम को सकारात्मक तरीके से नहीं ले रही है. देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने एक बार फिर से दोहराया है कि अगर 6 एयरबैग्स अनिवार्य किए गए तो वह छोटी कारें बनाना बंद कर देगी.

आम लोगों की पहुंच से दूर हो जाएंगी कारें

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव (Maruti Suzuki Chairman RC Bhargava) से 6 एयरबैग्स अनिवार्य किए जाने के बारे में प्रतिक्रिया मांगी गई थी. भार्गव ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो उनकी कंपनी छोटी कारें बनाना बंद करने से नहीं हिचकेगी. उन्होंने कहा कि अगर सरकारी नीतियों के दखल के चलते छोटी कारें (Maruti Suzuki Small Cars) अव्यावहारिक हो जाती हैं, तो उन्हें बनाने का कोई मतलब नहीं रह जाता है. भार्गव ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते वाहनों की लागत बढ़ रही है और वे आम लोगों की पहुंच से दूर हो रहे हैं.

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मारुति चेयरमैन बोले- छोटी कारों से नहीं है प्रॉफिट

गडकरी के ताजा बयान पर भार्गव ने कहा, 'इस कदम से कारों की कीमतें बढ़ जाएंगी और ऐसा भी हो सकता है कि इससे कार दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में होने वाली मौतों पर भी कोई असर नहीं पड़े.' भार्गव ने ये भी कहा कि कॉम्पैक्ट कारों (Compact Cars) की बिक्री से वैसे भी उनकी कंपनी को कोई खास प्रॉफिट नही हो रहा है. मारुति सुजुकी इससे पहले भी कई मौकों पर दोहरा चुकी है कि 6 एयरबैग अनिवार्य किए जाने पर छोटी कारें प्रॉफिट देने लायक नहीं रह जाएंगी और ऐसे में इन कारों का प्रॉडक्शन बंद करना पड़ेगा.

इन कारों के लिए छह एयरबैग जरूरी

इससे पहले केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को Intel India's Safety Pioneers Conference 2022 में कहा, 'हमने वाहनों में कम से कम छह एयरबैग को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है. हम लोगों की जान की सुरक्षा करना चाहते हैं.' उन्होंने कहा कि सरकार हर उन कारों के लिए छह एयरबैग अनिवार्य करने जा रही है, जिसमें आठ लोगों के बैठने की जगह हो. उन्होंने कहा कि हर साल भारत में इतनी सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, उसके बाद भी कार कंपनियों को सेफ्टी पर काम करने में क्यों हिचक हो रही है...कंपनियां क्यों इस बात को गंभीरता से नहीं ले रही हैं?

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दोहरा रवैया अपना रही कार कंपनियां- गडकरी

केंद्रीय मंत्री यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने कार कंपनियों के ऊपर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगा दिया. गडकरी ने दो टूक कहा कि अगर कार कंपनियां निर्यात होने वाली गाड़ियों में तमाम सेफ्टी फीचर्स देती हैं, तो वही फीचर्स भारत की सड़कों पर चलने वाली कारों में क्यों नहीं देती हैं? गडकरी ने कहा, 'ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में ग्रोथ दिख रही है और गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है. ऐसे में सड़कों को सुरक्षित बनाना अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है. एयरबैग अनिवार्य बनाने का फैसला लोगों की जान बचाने के लिए है, लेकिन इसके बाद भी कुछ कार कंपनियां इस फैसले का विरोध कर रही हैं.'

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