कोरोना संकट की वजह से ऑटो इंडस्ट्री की कमर टूट गई है. इस हालात में मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और सीईओ केनिची आयुकावा ने सरकार से मदद की मांग की है. उन्होंने कहा कि भारतीय ऑटो उद्योग इतिहास में सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है और उसे जीएसटी में कमी के अलावा प्रोत्साहन आधारित स्क्रैपेज नीति के रूप में सरकारी मदद की जरूरत है.
जीएसटी में कमी की ऑटो इंडस्ट्री की पुरानी मांग को दोहराते हुए आयुकावा ने कहा, ‘‘हम इतिहास में सबसे कठिन समय का सामना कर रहे हैं. उद्योग को आपकी (सरकार) मदद की जरूरत है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम जीएसटी में कटौती और प्रोत्साहन योजना का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. हमारा मानना है कि बढ़ते कारोबार पर मिलने वाला कर सरकार की स्क्रैपेज योजना और जीएसटी में कटौती से ज्यादा होगा.
कई साल पीछे चली गई इंडस्ट्री
आयुकावा ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी और पिछले वित्त वर्ष से जारी सुस्ती के चलते यह क्षेत्र कई साल पीछे चला गया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य संकट के सामने आने पर भारतीय ऑटो इंडस्ट्री ने वेंटिलेटर, निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के निर्माण में अपनी भूमिका निभाई और वायरस से लड़ने के लिए विदेशों से परीक्षण किट का आयात भी किया.
पिछले साल की तुलना में सुधार
आयुकावा ने कहा, ‘‘हम कह सकते हैं कि अगस्त में हमने पिछले साल की तुलना में वापसी की है. हालांकि, पिछले साल से तुलना करना सही नहीं होगा, क्योंकि उस दौरान इंडस्ट्री ने 15-25 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की थी. इस नकारात्मक वृद्धि ने इंडस्ट्री को कई साल पीछे कर दिया है.’’ आपको यहां बता दें कि केनिची आयुकावा ने ये बातें केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर की मौजूदगी में कहीं. आयुकावा ऑटो इंडस्ट्री की संस्था सियाम के भी अध्यक्ष हैं.
अगस्त में मारुति की बिक्री में हुआ सुधार
बता दें कि अगस्त में मारुति की बिक्री में 17.1 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और यह बढ़कर 1,24,624 इकाई पर पहुंच गया है. एक साल पहले समान महीने में कंपनी ने 1,06,413 वाहन बेचे थे. अगस्त में घरेलू बाजार में मारुति की कार बिक्री 20.2 प्रतिशत बढ़कर 1,16,704 इकाई पर पहुंच गई, जो अगस्त, 2019 में 97,061 इकाई रही थी.