
जर्मनी की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज बेंज भारत में अपनी नई E-Class लॉन्ग व्हील बेस (LWB) सेडान कार को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. इन नए सिक्स्थ जेनरेशन (V214) मॉडल के पेट्रोल वेरिएंट की शुरुआती कीमत 78.5 लाख रुपये तय की गई है. वहीं इसके E 220d डीजल और रेंज-टॉपिंग E 450 4Matic की कीमत क्रमशः 81.5 लाख रुपये और 92.5 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है.
कंपनी का कहना है कि, E 200 की डिलीवरी इस सप्ताह से शुरू होगी, E 220d की दिवाली से और E 450 की डिलीवरी नवंबर के मध्य से शुरू होगी. बता दें कि, मर्सिडीज बेंज के लिए भारत एकमात्र ऐसा राइट-हैंड-ड्राइव मार्केट है, जहां E-क्लास लांग व्हील बेस वर्जन (LWB) बेची जाती है. इस कार का प्रोडक्शन मर्सिडीज-बेंज ने कुछ दिनों पहले ही चाकन स्थित प्लांट में शुरू किया था.
Mercedes E-Class LWB में क्या है ख़ास:
अपने पिछले मॉडल की तुलना में नई ई-क्लास 13 मिमी ऊंची और 14 मिमी लंबी है. इसका व्हीलबेस भी 15 मिमी ज्यादा है. समझने के लिए बता दें कि, ये कार टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस के मुकाबले तकरीबन 337 मिमी ज्यादा लंबी है. इसके अलावा इस कार का बड़ा व्हीलबेस केबिन के भीतर पर्याप्त स्पेस प्रदान करता है. इसके अलावा इसमें 3,094 मिमी का व्हीलबेस मिलता है जो टोयोटा इनोवा के 2850 मिमी के मुकाबले काफी ज्यादा है. वहीं इसकी लंबाई 5092 मिमी (16 फुट) है.
कार की साइज:
लंबाई | 5,092 मिमी |
चौड़ाई | 1,880 मिमी |
ऊंचाई | 1,493 मिमी |
व्हीलबेस | 3,094 मिमी |
जहां तक लुक की बात है, तो लेटेस्ट-जेनरेशन ई-क्लास अपने पिछले मॉडल से थोड़ी अलग दिखाई देती है, इसकी वजह है इसका फ्रंट-एंड स्टाइल, जो मर्सिडीज के EQ मॉडल से प्रेरित है. इसमें एक बड़ी क्रोम ग्रिल दी गई है, जिस पर एक बड़ा 3D लोगो लगा हुआ है. ग्रिल के चारों ओर एक ग्लॉस ब्लैक पैनल भी देखने को मिलता है.
साइड प्रोफाइल की बात करें तो इसमें नए एस-क्लास-टाइप फ्लश डोर हैंडल और 18-इंच के अलॉय व्हील मिलते हैं. इसमें ट्राई-एरो पैटर्न के साथ नए एलईडी टेल-लैंप दिए गए हैं जो कि कार के पिछले हिस्से को बेहतर लुक प्रदान करते हैं. कुल मिलाकर इस कार में आगे और पीछे के बंपर और साइड में क्रोम का भरपूर इस्तेमाल किया गया है
केबिन है शानदार:
E-Class लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन का केबिन बेहद ही शानदार और लग्ज़री है. पीछे के यात्रियों को 36 डिग्री तक झुकने वाली सीटें मिलती हैं, जो कि पिछले मॉडल की तुलना में थोड़ा ज्यादा है. इसके अलावा एक्सटेंडेबल थाई सपोर्ट, कम्फर्टेबल नेक पिलो (गर्दन के सपोर्ट के लिए तकिया), क्वार्टर ग्लास के लिए सन ब्लाइंड्स और इलेक्ट्रिकली ऑपरेटेड ब्लाइंड्स जिन्हें इंफोटेनमेंट के ज़रिए ऑपरेट किया जा सकता है.
कंपनी ने इस कार में भी कुछ नए मॉडल की तरह सुपरस्क्रीन लेआउट दिया है. जिसमें 14.4-इंच की सेंट्रल स्क्रीन और 12.3-इंच की पैसेंजर स्क्रीन के साथ-साथ 12.3-इंच का इंस्ट्रूमेंट पैनल शामिल है. यानी कार के भीतर आपको स्क्रीन की भरमार देखने को मिलेगी. इसमें 730W के बर्मेस्टर के 17-स्पीकर और 4-एक्साइटर 4D सराउंड साउंड सिस्टम दिया गया है.
मर्सिडीज ने ख़ास तौर पर भारतीय बाजार के लिए E-Class में कुछ नए फीचर्स दिए हैं. इसमें बूट फ्लोर के नीचे स्पेयर व्हील और लोकली मैन्युफैक्चर्ड साइड और क्वार्टर ग्लास को शामिल किया गया है.
पावर और परफॉर्मेंस:
Mercedes E-Class में कंपनी ने अपने रेंज के सबसे पारफुल पावरट्रेन में से एक का इस्तेमाल किया है. इस कार में 3.0 लीटर की क्षमता का 6 सिलिंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है. जो 381hp की पावर और 500Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. कंपनी का दावा है कि ये कार महज 4.5 सेकंड में ही 0 से 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है.
इसके अलावा पेट्रोल वेरिएंट में 2.0-लीटर 4 सिलिंडर इंजन का भी विकल्प मिलता है. ये इंजन 204hp की पावर जेनरेट करता है. ऑयल बर्नर के तौर पर 2.0 लीटर का डीजल (E 220d) इंजन दिया गया है जो 197hp की पावर जेनरेट करता है. इन तीनों इंजन को 9-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन से जोड़ा गया है. इसके अलावा ये सभी इंजन 48V के माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम से लैस हैं.
मिलते हैं ये फीचर्स:
इस कार में कंपनी ने डिजिटल वेंट कंट्रोल, पैनोरमिक स्लाइडिंग सनरूफ, की-लेस गो जैसे फीचर्स मिलते हैं. की-लेस गो फीचर में जैसे ही आप कार की चाबी लेकर कार के करीब पहुंचते ही इसका सेंसर एक्टिव हो जाता है. ऐसे में केवल कार के दरवाजों के हैंडल को छूते ही इन्हें ओपन और क्लोज किया जा सकता है.
सेंटर सहित कुल 8 एयरबैग:
इस कार में कंपनी ने सेफ्टी का पूरा ख्याल रखा है. ये मर्सिडीज बेंज द्वारा भारत में बनाई गई पहली मेड-इन-इंडिया कार है जिसके फ्रंट-सेंटर में एयरबैग दिया गया है. ये कार कुल 8 एयरबैग से लैस है. इसके अलावा एक्टिव ब्रेक असिस्ट सिस्टम को बतौर स्टैंडर्ड शामिल किया गया है. इसमें एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) लेवल-2 की सुरक्षा भी मिलती है.