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अब कार कंपनियों को देने होंगे 6 एयरबैग, कब से लागू होगा नियम, नितिन गडकरी ने बताई तारीख

जैसा कि पहले से कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार जल्द एयरबैग को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने गुरुवार को ट्वीट के जरिए जानकारी साझा करते हुए कहा कि एक अक्टूबर 2023 से कारों में 6 एयरबैग जरूरी होंगे.

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कार में 6 एयरबैग 1 अक्टूबर से जरूरी
कार में 6 एयरबैग 1 अक्टूबर से जरूरी

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कारों में एयरबैग को लेकर बड़ी घोषणा की. इसके तहत अब कंपनियों को कारों में न्यूनतम छह एयरबैग (6 Airbags) देने होंगे. नितिन गडकरी ने 1 अक्टूबर 2023 से यात्री कारों (M-1 कैटेगरी) में न्यूनतम 6 एयरबैग अनिवार्य करने वाले प्रस्ताव को लागू करने का ऐलान किया.

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ट्वीट कर साझा की जानकारी

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री  Nitin Gadkari ने गुरुवार को ट्वीट (Tweet) के जरिए ये जानकारी साझा करते हुए कहा कि एक अक्टूबर 2023 से कारों में 6 एयरबैग जरूरी होंगे. पहले से कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार जल्द एयरबैग को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है. लेकिन, इसे तय डेडलाइन से आगे बढ़ाया गया है. गडकरी ने ट्वीट में कहा कि मोटर वाहनों में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की सुरक्षा लागत और वेरिएंट की परवाह किए बिना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है.

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने अपने गुरुवार को किए ट्वीट में ऑटो उद्योग के सामने मौजूद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव के लिए अगले साल की यह तारीख तय की गई है. परिवहन वेबसाइट के मुताबिक, M-1 कैटेगरी की कारें वो होती हैं, जिनमें ड्राइवर सीट को मिलाकर कुल 8 सीटें होती हैं. 

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कार निर्माताओं को सुनाई थी खरी-खरी

नितिन गडकरी ने बीते दिनों वाहन निर्माताओं से दो टूक कहा था कि अब दोहरा रवैया नहीं चलेगा. उन्होंने बड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा था कि देश की कार निर्माता कंपनियां (Car Manufacturing Companies) दोहरा रवैया अपना रही हैं. वाहन कंपनियां भारत से 6 एयरबैग के साथ वाहनों का निर्यात कर रही हैं, लेकिन जब उन्हीं वाहनों को भारत में बेचा जाता है, तो उनके पास महज दो या चार एयर बैग दिए जाते हैं.

गडकरी ने कहा थी एयरबैग्स बढ़ने से कारों की कीमत में बड़ा उछाल नहीं आएगा और किसी भी सूरत में सड़क सुरक्षा के मामले में अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. ये बिल्कुल भी समझौते का विषय नहीं है. 

जनवरी में आया था प्रस्ताव

गौरतलब है कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जनवरी 2022 में यह प्रस्ताव दिया था कि 01 अक्टूबर 2022 के बाद बनने वाली एम1 कैटेगरी की सभी कारों के लिए 6 एयरबैग अनिवार्य किया जाना चाहिए. मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, एम1 कैटेगरी की कारों में दो साइड/साइड टोर्सो एयरबैग्स होने चाहिए और दो साइड कर्टेन/ट्यूब एयरबैग्स होने चाहिए.

इसके अलावा दो फ्रंट एयरबैग तो रहने ही चाहिए. इस तरह टोटल 6 एयरबैग्स का प्रावधान किया गया. हालांकि, इसके लिए 1 अक्टूबर की डेडलाइन तय की गई थी, लेकिन सप्लाई चेन से संबंधित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इसे अगले साल के लिए टाल दिया गया है. 

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कुछ कारों में ही 6 एयरबैग्स की सुविधा

कारों में Airbags को सबसे जरूरी सेफ्टी फीचर्स माना जाता है. लेकिन, वाहन निर्माता कंपनियां कुछ महंगी कारों में ही 6 एयरबैग्स देती हैं. ऐसी कारों की अनुमानित संख्या देश की सड़कों पर दौड़ने वाली कुल कारों में 10 फीसदी से भी कम है. ऐसे में सड़क और परिवहन मंत्रालय के ऐलान के बाद सड़कों पर 6 एयरबैग्स वाली कारों की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा. 

जान बचाने में मददगार एयरबैग्स
आपको बता दें कि एयरबैग्स दुर्घटना की स्थिति में कार में सवार लोगों की जान बचाने में काफी उपयोगी साबित होते हैं. ये इसलिए भी अहम हो जाते हैं, क्योंकि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में हर साल लाखों लोगों की मौत होती है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बीते दिनों एक कार्यक्रम के दौरान आंकड़े पेश करते हुए कहा था कि देश में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं.

उन्होंने बताया था कि सड़क दुर्घटनाओं में करीब 1.5 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं, जबकि करीब 03 लाख लोग घायल हो जाते हैं. हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन साइरस मिस्त्री की कार एक्सीडेंट में मौत होने के बाद कारों के सेफ्टी फीचर्स को लेकर बहस तेज हो गई है. 

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