देश में इलेक्ट्रिक हाइवे (Electric Highways) बनाने की तैयारी की जा रही है, जो सौर ऊर्जा से चार्ज होंगे. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान सरकार के प्लान के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि दोहराया कि सरकार देश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बिजली चालित बनाने पर जोर दे रही है.
IACC के कार्यक्रम में बोले गडकरी
पीटीआई के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने उद्योग मंडल इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IACC) के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि सरकार सौर ऊर्जा (Solar Energy) से चालित इलेक्ट्रिक राजमार्गों (Electric Highways) के विकास पर काम कर रही है.
यह कदम अधिक माल ढुलाई क्षमता वाले ट्रकों और बसों की चार्जिंग को आसान बनाएगा. इलेक्ट्रिक हाइवे दरअसल, ऐसी सड़क होती है, जो इस पर फर्राटे भरने वाले वाहनों को बिजली की आपूर्ति करने में सक्षम होती है. इसमें ओवरहेड विद्युत लाइन से ऊर्जा की आपूर्ति भी शामिल है.
देश में बन रहे 26 नए एक्सप्रेस-वे
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान आगे कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) के लिए सौर और पवन ऊर्जा आधारित चार्जिंग व्यवस्था के विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक पूर्ण विकसित बुनियादी ढांचा वित्तीय गतिविधियों को बढ़ाने में मददगार होता है. इसके जरिए नई कंपनियां पैदा होती हैं और इनके जरिए रोजगार के अवसरों में इजाफा होता है. गडकरी ने यह भी कहा कि देश में 26 नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है.
Toll Plaza होंगे सौर ऊर्जा संचालित
गडकरी ने यह भी कहा कि सड़क मंत्रालय (Road Ministry) टोल प्लाजा (Toll Plaza) को सौर ऊर्जा द्वारा संचालित किए जाने को भी प्रोत्साहित कर रहा है. बीते दिनों संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में एक लिखित जवाब में नितिन गडकरी ने कहा कि 19 मार्च 2022 तक देश में कुल 10,60,707 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. जबकि ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के आंकड़ों के मुताबिक 21 मार्च 2022 तक देश में 1,742 पब्लिक इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन काम करने लगे हैं.
निवेशकों को किया आमंत्रित
केंद्रीय परिवहन मंत्री ने आगे कहा कि पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान की शुरुआत के साथ परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी मिलेगी और इससे लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी. उन्होंने अमेरिका के निजी निवेशकों को भारत के लॉजिस्टिक, रोपवे और केबल कार क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया.