बजट आज तक (Budget Aajtak 2023) के कॉनक्लेव में केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने भविष्य में एक नई बस सर्विस के बारे में अपनी योजना के बारे में बताया. उन्होनें कहा कि, मैने एक ऐसी बस सर्विस को सुझाव दिया है, जिसमें यात्रा करने के लिए आपको टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि ये सबकुछ महज एक कार्ड के इस्तेमाल से होगा. इससे टिकट की चोरी से भी बचा जा सकता है. आप सोच रहे होंगे कि भला ऐसा कैसे संभव है तो आइये जानते हैं क्या है नितिन गडकरी का प्लान-
इस कॉनक्लेव के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि, "मुंबई में चलने वाले डीजल बस की कॉस्ट 115 रुपये प्रतिकिमी है, अभी मैनें हाल ही में मुंबई में डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस लॉन्च की है, इसमें नॉन एसी बस की रनिंग कॉस्ट 39 रुपये प्रतिकिमी है और एसी बस की रनिंग कॉस्ट 41 रुपये प्रतिकिमी है. यानी हम दिल्ली और अन्य राज्यों में एसी बसों के लिए महज 41 रुपये प्रतिकिमी खर्च कर के और टिकट रेट को 25 से 30 प्रतिशत कम कर के मुनाफा कमा सकते हैं."
दिखाइये कार्ड और करिए यात्रा:
नितिन गडकरी ने कहा कि, "पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सबसे बड़ी समस्या टिकट और डीजल की चोरी से होती है. लेकिन इलेक्ट्रिक बसों के साथ ऐसा नहीं होता है, क्योंकि इलेक्ट्रिक की चोरी नहीं हो सकती है. इसके अलावा मैनें स्टेट कॉर्पोरेशन को एक नई तरह के बस सर्विस का सुझाव दिया है. हमारी योजना है कि, जल्द ही हम ऐसी इलेक्ट्रिक बस का परिचालन करेंगे जिसमें टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी. यात्री के पास एक कार्ड होगा जो कि यात्रा खत्म होने के बाद बस से उतरते समय ड्राइवर के पास लगे स्कैनर मशीन पर कार्ड पंच करेगा और पैसा सीधे उसके बैंक खाते से कटेगा." ये कुछ ऐसा ही होगा जैसा कि आज के समय में मेट्रो सर्विस में देखने को मिलता है.
सरकार का फोकस सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करने पर है. इसके बारे में नितिन गडकरी ने कहा कि, "पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन को बेहतर करने की कोशिश की जा रही है. जल्द ही हमारे यहां भी यूरोपीय देशों में जैसे फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम के ही तर्ज पर एयर कंडिशन डबल डेकर लग्ज़री बसों की सर्विस मिलेगी. हाल ही में मैनें बेंगलुरु में Volvo द्वारा तैयार की गई 15 मीटर लंबी बस को लॉन्च की है, उसमें स्लीपर कोच और एयर सस्पेंशन है. हम प्राथमिकता पब्लिक ट्रांसपोर्ट है, ताकि फ्यूल कास्ट को कम कर के लोगों को किफायती और आरामदेह सर्विस दी जा सके. जिससे आम जनता अपने व्यक्तिगत वाहन का इस्तेमाल करने के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे."