देश के कार बाजार का शहंशाह बनने का मौका SUV को मिल गया है. बीते 5 साल से SUV की बिक्री में लगातार तेजी देखी जा रही थी. पिछले महीने तो ये हैचबैक और सेडान कारों की संयुक्त बिक्री से भी आगे निकल गई है. SUV के क्रेज का आलम ये है कि कार बाजार में इनका मार्केट शेयर बढ़कर 40 फीसदी हो गया है.
इस बार का फेस्टिव सीजन कार बाजार में नई SUVs के मुकाबले के नाम होने को तैयार है. कोरोना की दूसरी लहर से उबरने के बाद भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर की कमान वैसे भी SUV सेगमेंट के हाथ में आ गई है. कार बाजार में ना केवल SUVs की हिस्सेदारी बढ़ रही है बल्कि दूसरे सेगमेंट्स के मुकाबले इनकी ग्रोथ कहीं ज्यादा तेज है.
SUV की बढ़ती डिमांड
वहीं इस त्योहारी मौसम में लॉन्च हुई SUV की तो टाटा की पंच सबसे नई और सबसे सस्ती SUV के तौर पर इस बेड़े में शामिल हुई है. इससे पहले महिंद्रा की XUV700 को 1 दिन में मिली 50 हजार बुकिंग्स ने SUVs के क्रेज का नमूना पेश किया था. इसके अलावा MG ने अपनी चौथी SUV Astor को लॉन्च करके इस बार हर बजट के ग्राहकों के लिए विकल्पों की भरमार पेश की है.
वहीं Force Motors ने अपनी Gurkha को re-launch किया है. Volvo ने अपनी SUV XC60 का mild-hybrid version उतारा है. इसके साथ ही Maruti सुजुकी ने जल्द ही अपनी मिनी 4 by 4 Jimny को भारत में लाने का संकेत दिया है.
SUV की बिक्री में बढ़ोतरी की वजह
SUVs के बढ़ती लोकप्रियता की गवाही बिक्री के आंकड़ों से समझी जा सकती है. सितंबर-2021 में 88 हजार SUV की बिक्री हुई है. ये आंकड़ा हैचबैक और सेडान कारों की कुल बिक्री से भी ज्यादा रहा है. अब सवाल उठता है कि आखिर क्यों भारतीयों को इन SUV से इतनी लगाव है.
माना जा रहा है कि कम कीमतों की SUV के बाजार में आने से ये ग्राहकों को लुभाने में कामयाब हो रही हैं. ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस और हर तरह के रास्तों से निकलने की इनकी खूबी भी लोगों को इनका दीवाना बना रही है. इसके साथ ही इनका दमदार लुक और स्टाइल भी इनकी बिक्री को बढ़ाने में मददगार साबित हो रही हैं.