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कैसे बनती हैं TATA की कारें... गुजरात में शुरू हुआ दूसरा प्लांट, रोल-आउट हुई पहली गाड़ी

Tata Motors ने आज गुजरात के साणंद में अपने नए कारखाने से अपनी पहली कार को रोल-आउट करते हुए, प्रोडक्शन शुरू करने की घोषणा की है. ये वही प्लांट है जिसे टाटा मोटर्स ने पिछले साल जनवरी में फोर्ड इंडिया से खरीदा था. वीडियो में देखिए 460 एकड़ में फैले इस प्लांट में वाहनों का प्रोडक्शन कैसे होता है.

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Shailesh Chandra, Managing Director, Tata Motors Passenger Vehicles Limited
Shailesh Chandra, Managing Director, Tata Motors Passenger Vehicles Limited

टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (TPEM) ने आज गुजरात के साणंद में अपने नए कारखाने से यात्री वाहनों का उत्पादन शुरू करने की घोषणा की है. इस दौरान कंपन ने इस नए प्लांट से अपने पहले वाहन को रोल-आउट भी किया. यह प्लांट कंपनी ने 10 जनवरी, 2023 को फोर्ड इंडिया से खरीदा था. 460 एकड़ में फैला यह टाटा मोटर्स का ICE इंजन और इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाला दूसरा प्लांट है. 

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इस प्लांट में चार मुख्य शॉप हैं - स्टैम्पिंग, बॉडी कंस्ट्रक्शन, पेंट और फाइनल असेंबली शॉप. कंपनी ने इस नए प्लांट के शुरुआत के साथ ही यह भी बताया कि, यहां पर किस तरह से वाहनों का प्रोडक्शन होता है. टाटा मोटर्स का कहना है कि, ये नया प्लांट अत्याधुनिक तकनीक और मशीनरी से लैस, जो कि ऑटो इंडस्ट्री में नए मानदंड स्थापित करेगा. 

Tata Plant

इस मौके पर टिप्पणी करते हुए, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, शैलेश चंद्र ने कहा कि, "साणंद में नई फेसिलिटी से पहली कार को लॉन्च होते देखना हमारे लिए गर्व का क्षण है. हमने 12 महीने की सबसे कम समय में इस प्लांट को पुन: तैयार किया है, इसे मौजूदा व्हीकल रेंज के प्रोडक्शन को बढ़ाने में और भी मदद करेगा. यह नया प्लांट वर्ष 300,000 यूनिट्स वाहनों का प्रोडक्शन करेगा, जिसे प्रति वर्ष 420,000 यूनिट्स तक बढ़ाया जा सकता है."

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प्लांट के कुछ मुख्य शॉप्स:

प्रेस शॉप: क्रिटिकल स्कीन पैनल्स की स्टैंपिंग के लिए नई डाई
वेल्ड शॉप: अतिरिक्त रोबोट के साथ सभी लाइंस का मॉडिफिकेशन, नए ग्रिपर्स और फिक्सचर्स को जोड़ा गया.
पेंट शॉप: इंटर्नल रोबोटिक पेंटिंग और वैक्सिंग सेट-अप
असेंबली शॉप: लाइन सिस्टम का आखिरी मॉडिफिकेशन और हैंडलिंग सिस्टम

कंपनी का कहना है कि, इस प्लांट में वर्तमान में 1000 से अधिक कर्मचारी और तकनीशियन शामिल हैं. उत्पादन बढ़ाने की योजना के अनुरूप, अगले 3 से 4 महीनों में 1,000 अतिरिक्त नौकरियां पैदा की जाएंगी. टाटा मोटर्स ने अपने वर्क फोर्स को और बेहतर करने के लिए कर्मचारियों को डिप्लोमा, बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग और मास्टर डिग्री से अपस्किल किया है. इस प्लांट में 50 किलोवाट का सोलर रूफटॉप स्थापित किया गया है.
 

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