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डीलरशिप पर खड़ी हैं 73,000 करोड़ की कारें, 7 लाख कारों को ग्राहकों का इंतज़ार, 'बंपर छूट' की तैयारी!

फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने घोषणा की है कि पूरे भारत में ऑटोमोबाइल डीलरशिप पर पैसेंजर कारों की इन्वेंटरी में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है. ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश भर में डीलरशिप पर 7 लाख से ज्यादा कारें स्टॉक में पड़ी हैं जिनकी कीमत लगभग 73,000 करोड़ रुपये है.

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Cars- Image: Meta AI
Cars- Image: Meta AI

ऐसा माना जाता है कि रक्षाबंधन के साथ बाजार में फेस्टीव सीजन की शुरुआत हो जाती है. वाहन निर्माता कंपनियां भी अपने वाहनों पर डिस्काउंट और तमाम तरह के आकर्षक ऑफर देने की योजनाए बनाती हैं. लेकिन आगामी त्यौहारी सीज़न के बावजूद, फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने घोषणा की है कि पूरे भारत में ऑटोमोबाइल डीलरशिप पर पैसेंजर कारों की इन्वेंटरी में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है. 

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डीलरशिप पर खड़ी हैं 73,000 करोड़ की कारें:

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश भर में डीलरशिप पर स्टॉक लगातार बढ़ रहा है. स्टॉक का यह आंकड़ा 7 लाख यूनिट से अधिक हो गया है, जिसकी कीमत लगभग 73,000 करोड़ रुपये है. यानी ये कारें डीलरशिप के स्टॉकयार्ड में खड़ी हैं. ये आंकड़ा तकरीबन दो महीने के वाहनों की कुल बिक्री के बराबर है. स्टॉक लेवल बढ़ने के साथ कुछ कार कंपनियों ने अपना प्रोडक्शन भी धीमा कर दिया है. 

तेजी से घटी कारों की बिक्री:

जुलाई में दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटो बाजार कहे जाने वाले इंडियन मार्केट में पैसेंजर कारों की बिक्री में पिछले दो सालों में पहली बार गिरावट आई है. कारों की बिक्री न हो पाने के कारण डीलरशिप पर इन्वेंट्री की भरमार हो गई, जिससे कार निर्माताओं को अपने चैनलों को डिस्पैच (बिक्री के रूप में गिना जाता है) कम करने पर मजबूर होना पड़ा. जुलाई के दौरान बिक्री में साल-दर-साल 2.5% की गिरावट आई और इस महीने देश भर में 3,41,000 यूनिट कारों की बिक्री की गई.

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Car

बिक्री में कमी के कारण बढ़ता स्टॉक डीलरों के लिए काफी जोखिम पैदा करता है, जिसके बारे में FADA का कहना है कि यह जुलाई 2024 की शुरुआत में 65-67 दिनों से बढ़कर आज की तारीख में लगभग 70-75 दिन हो गया है. FADA के अनुसार, डीलरों के पास वर्तमान में लगभग 730,000 बिना बिके वाहन हैं, जो लगभग 2 महीने की बिक्री के बराबर है. हालांकि, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) का अनुमान है कि यह आंकड़ा लगभग 400,000 इकाई है तब तक, वाहन निर्माता उत्पादन को कम कर सकते हैं और बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट के लिए सेल्स नेटवर्क को बढ़ा सकते हैं.

क्यों घटी है वाहनों की बिक्री:

वाहनों के मांग में कमी के कई कारण हो सकते हैं. धीमी मांग की शुरुआत इस साल लोकसभा चुनावों से हुई थी, जबकि भीषण गर्मी और उसके बाद जोरदार बारिश ने भी कारों की बिक्री को प्रभावित किया है. इंडियन मार्केट में पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट में इस मंदी ने डीलरशिप पर भारी बोझ डाल दिया है. हालांकि इससे उबरने के लिए वाहन निर्माता कंपनियां प्रोडक्शन स्लो करने के साथ ही डिस्काउंट का भी सहारा ले रही हैं. 

Car Sales in July

महिंद्रा, टोयोटा और किआ को छोड़ दें तो ज्यादातर कार कंपनियों ने जुलाई-24 में गिरावट दर्ज की है. मारुति सुजुकी की जुलाई में बिक्री पिछले साल के जुलाई की तुलना में तकरीबन 9.65% कम हो गई है. वहीं हुंडई, टाटा मोटर्स और होंडा ने भी गिरावट दर्ज की है. टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भी भारी गिरावट देखी गई है. 

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अप्रैल-जून की तिमाही में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में साल-दर-साल 7% की गिरावट देखी गई है. वहीं EV सेग्मेंट की लीडर कही जाने वाली टाटा मोटर्स की बिक्री बीते जुलाई में 21% तक गिर गई है. कंपनी ने जुलाई में घरेलू बाजार में कुल 5,027 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री की है. जो कि पिछले साल के जुलाई में बेचे गए 6,329 यूनिट्स की तुलना में तकरीबन काफी कम है.

मारुति सुजुकी ने धीमा किया प्रोडक्शन:

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड बिक्री में गिरावट के बाद कारों के उत्पादन की रफ्तार को कम कर दिया है. कार निर्माता ने कहा कि इस चालू वित्त वर्ष के पहले कुछ महीनों के दौरान वाहनों की बिक्री प्रोडक्शन के लिहाज से काफी कम रही है और इसलिए इन स्टॉक को संतुलित करने के लिए उत्पादन को एडजस्ट करना होगा.

कारों पर 12 लाख तक की छूट: 

जैसा कि हमने बताया कि, इस समय ज्यादातर कार कंपनियां अपने वाहनों पर भारी डिस्काउंट दे रही है. टाटा मोटर्स अपनी सफारी, हैरियर और यहां तक नेक्सॉन पर लाखों रुपये की छूट दे रहा है. वहीं हुंडई भी अपने वेन्यू और एक्सटर जैसे मॉडलों पर इस महीने डिस्काउंट ऑफर कर रहा है. जीप इंडिया तो अपने ग्रैंड चेरोकी मॉडल पर पूरे 12 लाख रुपये का डिस्काउंट दे रहा है. अब इसकी शुरुआती कीमत अब 68.50 लाख रुपये हो गई है. पहले इसकी कीमत 80.50 लाख रुपये हुआ करती थी. 

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ऐसे में जब डीलरशिप पर स्टॉक का बोझ तो है तो संभव है कि आने वाले समय में फेस्टीव सीजन को भुनाने और मौजूदा स्टॉक को क्लियर करने के लिए डीलरशिप लेवल पर कारों पर छूट ऑफर किया जाए. हाल के दिनों में बाजार में महिंद्रा थार रॉक्स, टाटा कर्व ईवी और सिट्रॉयन बसाल्ट जैसी कई कारों ने एंट्री की है. अगले महीने टाटा मोटर्स कर्व (पेट्रोल-डीजल) की कीमतों का भी ऐलान करने वाला है. 

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