क्या आप सारे ट्रैफिक नियम जानते हैं? या सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त आप सभी नियमों का पालन करते हैं? अगर ऐसा नहीं है तो नियमों के उल्लंघन के लिए आपका चालान कट सकता है या आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे एक नियम के बारे में, जिसकी वजह से आपको 20,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.
इन दिनों सड़क पर साइकिल या रिक्शा चलाने के लिए अलग लेन बनाई जाती है. दिल्ली की सड़कों पर ये आपको कई जगह दिख जाएगी. ऐसे में अगर आप मोटरसाइकिल, स्कूटर या कोई और ऐसा मोटर वाहन इस लेन में चलाते हुए पकड़े जाते हैं जिनका इस लेन में चलाना प्रतिबंधित है तो आपको 20,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.
दरअसल मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा 113, 114 और 115 में राज्य सरकारों को ट्रैफिक कंट्रोल करने की कई शक्तियां दी गई हैं. इन्हीं में से एक धारा-115 के तहत राज्य सरकारें किसी स्पेशल सड़क या लेन पर अलग-अलग कैटेगरी के व्हीकल्स के आने-जाने को प्रतिबंधित कर सकती हैं और इस नियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना वसूल सकती हैं. पहले ये जुर्माना 2,000 रुपये था जो नए संशोधित मोटर वाहन अधिनियम में बढ़कर 20,000 रुपये हो गया है.
मोटर वाहन अधिनियम में ही एंबुलेंस समेत अन्य इमरजेंसी सर्विस वाहनों के लिए भी स्पेशल नियम बनाया गया है. इमरजेंसी सर्विस वाहनों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, आपदा राहत वाहन इत्यादि शामिल हैं. मोटर वाहन अधिनियम की धारा-194E के तहत यदि कोई ड्राइवर सड़क पर ऐसी गाड़ियों को जगह नहीं देता है, या उनका मार्ग अवरुद्ध करता है, तो उसे 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा.
भारत में लोगों के बीच ट्रै्फिक नियमों का उल्लंघन करना आम बात है. यही कारण है कि सड़क दुर्घटनाओं के मामले में भारत दुनिया भर के देशों में अव्वल है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस पर लगाम लगाने के लिए कई प्रयास कर रहा है. एक अध्ययन के मुताबिक भारत में हर साल करीब 1.5 लाख लोग सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवाते हैं. इसलिए ट्रैफिक नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है.
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