जर्मनी की कार कंपनी Volkswagen ने अमेरिका में 1 अप्रैल से पहले ही मीडिया को अप्रैल फूल बना दिया. उसके एक बयान पर मीडिया में सब जगह खबरें छप गईं और बाद में उसने कहा कि ये तो अप्रैल फूल था. जानें क्या है पूरा मामला
‘कंपनी बदल रही है नाम’
अमेरिका में सोमवार को Volkswagen को लेकर एक न्यूज रिलीज लीक हुई कि कंपनी अपना नाम बदल रही है. इसके बाद मंगलवार को इसे विभिन्न प्रेस रिपोर्टरों को मेल पर भेजा गया और कहा गया कि सोमवार को लीक हुई रिलीज सही है. जिसके चलते अमेरिकी न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस समेत कई मीडिया हाउस ने इस पर स्टोरी कर दी.
‘CEO का बयान भी जारी किया गया’
Volkswagen of America ने अपने गलत बयान में कंपनी के सीईओ और अध्यक्ष स्कॉट केओग का बयान भी दिया. इसमें कहा गया, ‘हम अपने नाम में K को T से बदल सकते हैं, लेकिन एक चीज हम जो नहीं बदल रहे हैं वो है ब्रांड की सबसे अच्छे वाहन बनाने के प्रति प्रतिबद्धता.’
वोल्टवैगन असल में था ‘अप्रैल फूल’
बाद में मंगलवार को ही कंपनी के प्रवक्ता मार्क गिलीज ने कहा कि नाम बदलने की खबर असल में ‘अप्रैल फूल’ से पहले का जोक था. कंपनी अपने गलत बयान में कहा था कि वह Volkswagen का नाम बदलकर Voltswagen करने जा रही है ताकि वह इलेक्ट्रिक वाहनों पर अधिक जोर दे सके.
कंपनी को भारी पड़ सकता है जोक
Volkswagen को ये अप्रैल फूल बनाना महंगा पड़ सकता है. क्योंकि कोई भी लिस्टेड और पब्लिक कंपनी ऐसा बहुत कम ही करती है. इतना ही नहीं अमेरिका का शेयर बाजार नियामक ‘सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन’ इस झूठी खबर को फैलाने के लिए कंपनी पर कार्रवाई कर सकता है. ड्यूक विश्वविद्यालय में सिक्योरिटी लॉ पढ़ाने वाले जेम्स कॉक्स का कहना है कि इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए क्योंकि इस तरह की गलतबयानी से कंपनी के शेयर प्राइस पर असर पड़ता है.
मंगलवार को Volkswagen के शेयर का प्राइस 5% तक चढ़ गया था ऐसे में नियामक के इस संबंध में कार्रवाई किए जाने की संभावना है.
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