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Ferrari 296 GTS: महज 2.9 सेकेंड में पकड़ती है जबरदस्त रफ्तार! भारत में लॉन्च हुई पावरफुल कार

Ferrari 296 GTS को कंपनी ने कन्वर्टिबल और नॉन-कन्वर्टिबल दोनों रूप में बाजार में उतारा है. कंपनी का दावा है कि ये कार महज 2.9 सेकेंड में ही 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है.

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Ferrari 296 GTS Sport car launched in India
Ferrari 296 GTS Sport car launched in India

जब भी स्पोर्ट कारों की बात होती है तो तकरीबन हर किसी के जेहन में सबसे पहला नाम Ferrari का ही आता है. फेरारी ने आज भारतीय बाजार में अपनी एक और नई स्पोर्ट कार Ferrari 296 GTS को लॉन्च किया है. फेरारी की ऑफिशियल इम्पोर्टर सेलेक्ट कार्स ने इस कार को पेश किया है, जिसे कन्वर्टिबल और नॉन-कन्वर्टिबल दोनों रूप में बाजार में उतारा गया है. इस स्पोर्ट कार की कीमत 6.24 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. 

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जबरदस्त लुक और पावरफुल इंजन से लैस इस कार में बहुत कुछ ऐसा है जो कि हर स्पोर्ट कार लवर को पसंद आएगा. सेलेक्ट कार्स ने नई Ferrari 296 GTS को एयरोसिटी स्थित अंदाज़ होटल में पेश किया. इस कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए, संयम त्यागी, मार्केटिंग हेड, फेरारी, नई दिल्ली ने कहा, "हमें अपने इस नई कार को पेश करते हुए बेहद खुशी हो रही है." 

Ferrari 296 GTS
Ferrari 296 GTS

कैसी है नई Ferrari 296 GTS: 

जैसा कि हमने बताया इस कार के कन्वर्टिबल और नॉन-कन्वर्टिबल दोनों मॉडलों को पेश किया गया है. इसमें कंपनी ने 3 लीटर की क्षमता का V6 टर्बोचार्ज इंजप का इस्तेमाल किया है जो कि 8000 आरपीएम पर 610 kW की पावर और 6250 आरपीएम पर  740 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. इस इंजन को 8-स्पीड F1 डुअल क्लच ट्रांसमिशन (DCT) गियरबॉक्स से जोड़ा गया है. इस इंजन का ऑर्किटेक्चर कुछ ऐसा है कि ये इसे और भी कॉम्पैक्ट बनाता है. चूकिं यह एक हाइब्रिड कार है तो इसमें 7.45 kWh की क्षमता का बैटरी भी दिया गया है. 

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यह रियर-व्हील ड्राइव प्लग-इन (PHEV) हाइब्रिड आर्किटेक्चर वाली पहली ओपन-टॉप फेरारी है, जो ICE इंजन को रियर-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर के साथ इंटिग्रेट करता है. TMA एक्ट्यूएटर के माध्यम से इसमें दो अलग-अलग पावर यूनिट्स दिए गए हैं, जो उन्हें एक साथ या केवल इलेक्ट्रिक मोटर के उपयोग करने की सुविधा देती हैं. इलेक्ट्रिक मोटर 296 GTS पावर आउटपुट को 830 cv तक बढ़ा देता है, साथ ही डेली ड्राइविंग के लिए कार की परफॉर्मेंस को भी बेहतर करता है. कंपनी का दावा है कि प्योर इलेक्ट्रिक मोड में ये कार 25 किलोमीटर तक का ड्राइविंग रेंज देती है. 

Ferrari 296 GTS
Ferrari 296 GTS


कार की साइज: 

लंबाई-    4565 मिमी
चौड़ाई-   1958 मिमी
ऊँचाई-   1191 मिमी
व्हीलबेस-  2600 मिमी
वजन-       1540 किग्रा

अन्य फेरारी के तौर पर इसमें भी इंजन को कार के पिछले हिस्से में दिया गया है. वहीं रियर बेंच के तौर पर इसमें 49 लीटर का स्पेस भी मिलता है. दो सीटों वाली इस स्पोर्ट कार की ख़ास बात ये है कि इसमें फ्रंट बोनट के भीतर स्पेसिफिकेशन सीट भी दी गई है. इसमें 65 लीटर का फ्यूल टैंक मिलता है. 
 

Ferrari 296 GTS
Ferrari 296 GTS


नाम में छिपा है परफॉर्मेंस का राज: 

Ferrari 296 GTS के नाम में ही इसकी परफॉर्मेंस और इंजन क्षमता का राज छिपा हुआ है. इसमें '296' कार के इंजन क्षमता (2.992 cc) को दर्शाता है. वहीं 'GTS' का अर्थ होता है 'ग्रैन टुरिस्मो स्पाइडर'. यह है न केवल इस कार को पावर देता है बल्कि एक नए V6 युग की शुरुआत भी करता है जिसकी जड़ें मोटरस्पोर्ट्स में फेरारी के 70-वर्ष से अधिक के अनुभव के बारे में बताती हैं. वास्तव में, सबसे पहले फेरारी V6 में 65 आर्किटेक्चर था और इसे 1957 के 1500 cc के इंजन के साथ बतौर सिंगल सीटर के साथ पेश किया गया था. इसके बाद 1958 में फ्रंट-इंजन स्पोर्ट प्रोटोटाइप - 196 S और 296 S - और F1 कारों, जैसे 246 F1 पर बड़े बदलाव के साथ पेश किया गया. 

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पावर और परफॉर्मेंस: 

कंपनी का दावा है कि ये कार महज 2.9 सेकेंड में ही 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है. इसका एक्जेलरेशन इतना पावरफुल है कि इसे 0 से 200 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने में महज 7.6 सेकेंड का ही समय लगता है. इसकी टॉप स्पीड 330 किलोमीटर प्रतिघंटा है. 

Ferrari 296 GTS Engine
Ferrari 296 GTS Engine

फेरारी लगतार अपने कारों में नई और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करती रही है. इस कार में भी कई ऐसे एडवांस फीचर्स को जगह दी गई है जो कि इसे एक प्योर स्पोर्ट कार बनाते हैं. इसमें E-diff जैसी तकनीक इस्तेमाल की गई है. ये एक ऐसी तकनीक है जो कि फार्मूला वन कार को रोड कार्स के तौर पर इस्तेमाल करने की सुविधा देती है. ये फीचर ट्रैक्सन के नुकसान को कम करते हुए कॉर्नरिंग के दौरान उपलब्ध  ग्रिपिंग को बेहतर करते हुए हाई स्पीड में भी रोडहोल्डिंग को बढ़ाता है. इससे तेज रफ्तार में भी बेहतर संतुलन मिलता है. 

बता दें कि, E-diff तकनीक की शुरुआत साल 2004 में की गई थी. इसके बाद से ही ये फेरारी की कारों में एक प्रमुख फीचर के तौर पर इस्तेमाल की जाती रही है. इसके अलावा इस कार में हाई परफॉर्मेंस इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD) के साथ एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) दिया गया है. 
 

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