पहिए के अविष्कार को दुनिया के सबसे बेहतर खोजों में से एक माना जाता है. चक्र जैसा दिखने वाला ये यंत्र वाहन से लेकर बड़ी-बड़ी मशीनरी का हिस्सा बनता है. हालांकि पहिए की खोज किसने की इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं मिलता है, लेकिन आधुनिक इतिहासकार मानते हैं कि लकड़ी के पहिए का आविष्कार ईसा से 3500 वर्ष पूर्व मोसोपोटामिया (इराक) में हुआ था. पहिए का गोल होना ही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है, जो कि इसे वाहन में इस्तेमाल करने के लिए सबसे सटीक कंपोनेंट बनाता है. लेकिन एक इंजीनियर ने तकरीबन भौतिक विज्ञान की उस परिभाषा को ही चुनौती दे डाली है, जिसे हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं.
बचपन में हमारे जेहन में एक सवाल कौंधता था कि, आखिर पहिया गोल ही क्यों होता है? जिसका जवाब महज एक लाइन में होता था कि, "घर्षण को कम से कम रखने के लिए." इतना ही नहीं, हमें स्कूलों में पढ़ाया जाता रहा है कि, "धरती की सतह पर जो भी चीज गुरुत्वाकर्षण व घर्षण के विपरीत आगे बढ़ने की कोशिश करती है उसका सतह के साथ संपर्क जितना कम से कम होगा तभी उस चीज व सतह के मध्य में घर्षण भी न्यूनतम होगा और उक्त चीज आसानी से सतह पर आगे बढ़ सकेगी."
लेकिन एक इंजीनियर ने तकरीबन चौकोर पहियों वाली एक साइकिल बनाकर सभी को हैरानी में डाल दिया है. आज हम आपको एक ऐसे साइकिल से रूबरू कराएंगे जिसमें गोल नहीं बल्कि चौकोर पहिए का इस्तेमाल किया गया है. हैरानी की बात ये है कि, किसी वर्गाकार बॉक्स की तरह दिखने वाले इन पहियों की मदद से साइकिल सतह पर आसानी से किसी सामान्य साइकिल की तरह दौड़ती भी है.
कैसी ही चौकोर पहियों वाली साइकिल:
एक युट्यूबर मिस्टर क्यू ने इस वर्गाकार पहियों (Square Wheels) वाली साइकिल को दुनिया के सामने पेश किया है. चौकोर पहियों वाली इस साइकिल का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल भी हो रहा है और लोग तमाम तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं. चूकिं इस चौकोर व्हील को मेटल फ्रेम पर तैयार किया गया है इसलिए इसमें हवा भराने या इसके पंचर होने का भी डर नहीं है.
कैसे बना है ये वर्गाकार पहिया:
इस वीडियो में इस वर्गाकार पहिए के निर्माण की पूरी प्रक्रिया को स्टेट-बाय-स्टेप दिखाया गया है कि, किस तरह से युट्यूबर को इस स्क्वॉयर व्हील साइकिल को बनाने का आइडिया एक गेम खेलते हुए आया. इस पहिए के निर्माण में वर्गाकार मैटेल फ्रेम का इस्तेमाल किया गया है और इस फ्रेम पर बेल्ट-चेन का उपयोग किया गया है. ये बेल्ट चेन कुछ वैसा ही काम करता है जैसा कि आपने आर्मी टैंक के व्हील्स में देखा होगा. व्हील्स भीतर ही तरफ होते हैं और बेल्ट-चेन को उसके उपर चढ़ाया जाता है. भीतर से व्हीकल्स घुमते रहते हैं और साथ ही बेल्ट-चेन भी मूव करता है. इस वर्गाकार व्हील में बेल्ट चेन पर सामान्य टायर को ही काटकर दुकड़ों में लगाया गया है.
का पूरा वीडियो आप नीचे देख सकते हैं.