बिहार में गंगा नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है जिससे कई शहर और गांव जलमग्न हो गए हैं. 5 सालों बाद एक बार फिर गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद नदी किनारे रहने वाले हजारों लोग बेघर हो गए हैं. पटना और मुंगेर जैसे शहरों में कई इलाके डूब चुके हैं.
गंगा के कहर के कारण पटना जिले के करीब दर्जन भर गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं और घरों में पानी भर गया है. गंगा का पानी बांधों को तोड़कर हाइवे पर बह रहा है. बाढ़ के अथमलगोला प्रखंड में बाढ़ का पानी एनएच 31 तक पहुंच चुका है.
हाइवे पर करीब एक फीट पानी बह रहा है जिस वजह से गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गयी है. वहीं दूसरी तरफ हाइवे से सटे रामनगर दियारा गांव में हजारों लोग गंगा में जल वृद्धि के कारण विस्थापित हो चुके हैं.
बाढ़ग्रस्त इलाकों में चारों तरफ बस पानी ही पानी है. लोग अपना घर छोड़कर किसी तरह सड़क किनारे शरण लेने को मजबूर हैं. बीते 12 घंटे में गंगा के जलस्तर में कोई कमी नहीं आई है.
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण दियारा क्षेत्र के तमाम गांव बाढ़ की चपेट में हैं. सैकड़ों की संख्या में लोग सैलाब के कारण विस्थापित होकर ऊंचे स्थानों पर खुले में शरण लिए हुए हैं.
एनएच 31 पर बह रहा पानी
बख्तियारपुर से मोकामा की ओर जाने वाले इस मार्ग पर करीब 1 फुट ऊंची गंगा की धार बह रही है. बख्तियारपुर प्रखंड के भी दियारा इलाके में बसे आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं. कई इलाके तो ऐसे भी हैं जहां दियारा के गावों में बेबस बाढ़ पीड़ितों का हाल चाल लेने वाला भी कोई नहीं है.
नीतीश कुमार ने किया था हवाई सर्वे
ऐसे में बाढ़ पीड़ित बस गंगा की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कैसे भी जलस्तर में कमी आए तो वो अपने घर को वापस लौट सकें. बता दें कि शुक्रवार को ही राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया था और अधिकारियों को राहत बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे.