बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा है कि उनकी मंशा है कि बिहार में बीजेपी अपने दम पर सरकार बनाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला के वक्त केंद्रीय नेतृत्व लेगा.
अश्विनी चौबे ने कहा, 'मेरी इच्छा है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बिहार में बननी चाहिए. बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ अकेले अपने दम पर आए और एनडीए को भी आगे बढ़ाए. यह हमारी मंशा है और उसके लिए हर कार्यकर्ता को अभी से लगना होगा. मैं बिना किसी चाह के इस काम को बखूबी करूंगा.'
'पार्टी में आयातित माल बर्दाश्त नहीं'
उन्होंने कहा, 'हम नीतीश कुमार को साथ लेकर चल रहे थे, आज भी चल रहे हैं और आगे भी लेकर चलेंगे.' मुख्यमंत्री के सवाल पर अश्विनी चौबे ने कहा, 'जब चुनाव होगा तब पार्टी और केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा लेकिन पार्टी में आयातित माल हमें कतई बर्दाश्त नहीं है.'
'चुनावी राजनीति से दूर रहूंगा'
उन्होंने कहा, 'चुनावी राजनीति में न रहते हुए मैं सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में बिना किसी पद के लोभ के समाज सेवा करूंगा. कार्यकर्ता के रूप में मैं देश और बिहार में, विशेष कर भागलपुर और बक्सर में लगातार सक्रिय रूप से अपनी भूमिका अदा करता रहूंगा. अगले पांच वर्षों तक मैं सक्रिय राजनीति में रहूंगा.'
'सीबीआई जांच में दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा'
नीट पेपर लीक पर अश्विनी चौबे ने कहा, 'यह दुर्भाग्य है. जिन लोगों ने भी यह किया है भारत सरकार ने उन पर सीबीआई जांच बिठा दी है. शिक्षा माफियाओं पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घटना को अंजाम न दे सके और लाखों-करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.'