बिहार के चर्चित आईएएस अधिकारी और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के के पाठक पाठक की राज्य से विदाई होने वाली है और वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे.जानकारी के मुताबिक क पाठक ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए सरकार को लिखा था, जिसके बाद सरकार ने उन्हें गुरुवार को एनओसी दे दी.
शिक्षा विभाग को लेकर केके पाठक के काम करने के तरीके पर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का मतलब है कि उन्हें अब शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी छोड़नी होगी. बता दें कि हाल के दिनों में स्कूलों में टाइमिंग को लेकर मंत्री नीतीश कुमार और के के पाठक के बीच में तालमेल की कमी साफ नजर आ रही थी.
इसे लेकर लगातार विवाद खड़ा हो रहा था कि केके पाठक मुख्यमंत्री की भी बात नहीं सुनते हैं. जब जून 2023 में केके पाठक ने शिक्षा विभाग के एसीएस के रूप में पदभार संभाला था तो उसके बाद उनकी कार्यशैली पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और उनकी पार्टी आरजेडी के विधायकों ने नाराजगी जताई थी.
यह भी पढ़ें: केके पाठक को लेकर बिहार विधानसभा में फिर हंगामा, राबड़ी देवी ने भी उठाए सवाल
केके पाठक ने किए हैं विभाग में बड़े बदलाव
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पद पर तैनात केके पाठक ने अपने विभाग में बड़े बदलाव किए. सरकारी स्कूलों में अनुशासन को सख्ती के साथ लागू किया गया. नए शिक्षकों की नियुक्ति के बाद उनसे समय से ड्यूटी कराई जा रही है. साथ ही साथ बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति सुधारने के लिए केके पाठक लगातार निरीक्षण भी करते रहे हैं.
जब इस्तीफे की उड़ी थी अफवाह
कुछ समय पहले उनके इस्तीफे की भी अफवाह उड़ी थी. दरअसल केके पाठक 9 जनवरी को अवकाश पर चले गए थे. उनके अवकाश पर जाने के बाद सरकार ने दूसरे अधिकारी को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का प्रभार दिया. मगर, अचानक से एक लेटर के साथ यह खबर वायरल होने लगी कि केके पाठक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
इस वायरल लेटर को लेकर जब जानकारी जुटाई गई, तो विभागीय सूत्रों ने बताया कि लंबे अवकाश पर जाने के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण पद पर तैनात अधिकारी अपने पदत्याग के प्रारूप वाला फॉर्मेट भरते हैं. केके पाठक ने भी यही किया. मगर, उसे सोशल मीडिया पर इस्तीफा बताकर वायरल कर दिया गया.
यह भी पढ़ें: बिहार: अधिकारियों से अपशब्द का मामला, BIPARD ने केके पाठक के वायरल वीडियो पर दी सफाई