बिहार के मुंगेर में महाशिवरात्रि के मौके पर बजरंग दल द्वारा निकाली गई शोभायात्रा में 'लव जिहाद' थीम पर आधारित झांकी ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. इस भव्य शोभायात्रा में 50 से अधिक झांकियां शामिल थीं, जो पूरे शहर में घूमने के बाद मनकेश्वर नाथ महादेव मंदिर पर संपन्न हुई.
इस विवादित झांकी में कथित तौर पर मुस्लिम युवकों द्वारा हिंदू लड़कियों के साथ किए जा रहे अत्याचारों को दिखाया गया था. झांकी में एक फ्रिज भी रखा गया था, जिसमें गुड़िया के टुकड़े कर रखे गए थे, जो प्रतीकात्मक रूप से लड़की के शव के टुकड़े किए जाने का संदेश दे रहा था.
इसके अलावा झांकी में अखबारों की कटिंग्स भी लगाई गई थीं, जिनमें हिंदू महिलाओं के खिलाफ अपराधों की खबरें दिखाई गईं. साथ ही एक नारा लिखा गया था- अगर आप अपना धर्म छोड़ेंगे, तो आपको टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएंगे.
इस झांकी को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है. आरजेडी नेता मृत्यंजय तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में माहौल खराब करने की साजिश रची जा रही है. दंगा भड़काने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि शिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर 'लव जिहाद' की झांकी क्यों निकाली गई? नीतीश कुमार कहते हैं कि बिहार में हिंदू-मुस्लिम झगड़ा नहीं होगा, तो क्या जदयू इस बजरंग दल-बीजेपी की झांकी का विरोध करेगी?
वहीं, लोजपा (रामविलास) के नेता धीरेंद्र मुन्ना ने शोभायात्रा का बचाव करते हुए कहा कि पूरी यात्रा में कई झांकियां शामिल थीं और सिर्फ एक झांकी को लेकर सवाल उठाना गलत है. उन्होंने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था दुरुस्त है, इस तरह से झांकी पर सवाल उठाना ठीक नहीं है.
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता श्याम सुंदर शरण ने भी सरकार का बचाव किया और कहा कि बिहार में कानून पूरी तरह सतर्क है. सरकार हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है, किसी भी कीमत पर प्रदेश की सांप्रदायिक सौहार्द्रता बिगड़ने नहीं दी जाएगी. सभी को अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन सरकार पूरी तरह चौकस है कि शांति व्यवस्था बनी रहे.
बहरहाल, इस विवादित झांकी ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है और आगामी चुनावों के मद्देनजर इसे सियासी रंग देने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं.