बिहार विधानसभा में सोमवार को बजट पर चर्चा के दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राजद के 15 साल के शासन और एनडीए के करीब 20 साल के शासन के दौरान राज्य की आर्थिक प्रगति लगभग समान रही है.
'1990 में बिहार का बजट 3,000 करोड़ रुपये था'
तेजस्वी यादव ने बताया कि 1990 में जब उनके पिता लालू प्रसाद मुख्यमंत्री बने थे, तब बिहार का बजट सिर्फ 3,000 करोड़ रुपये था. 2005 में जब राजद सत्ता से बाहर हुई, तब यह बढ़कर 28,000 करोड़ रुपये हो गया, यानी नौ गुना वृद्धि हुई.
इसके मुकाबले, उन्होंने कहा कि 2005 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद बजट 2.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो फिर से लगभग नौ गुना बढ़ोतरी को दर्शाता है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि एनडीए सरकार अपनी इसी उपलब्धि का ढिंढोरा पीट रही है.
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार अब भी विकास के मामले में देश में सबसे पीछे है और "डबल इंजन" सरकार के बावजूद केंद्र से राज्य को उपेक्षित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बढ़ते कर्ज के कारण राज्य गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और शिक्षकों व डॉक्टरों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है क्योंकि सरकार के पास धन की कमी है.
'नीतीश कुमार को रिजाइन कर देना चाहिए
बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है, जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आ रहा है सियासत का पारा चढ़ता जा रहा है. इसी बीच तेजस्वी यादव ने कहा कि हम विरोधी दल के नेता हैं, नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं, सदन के नेता हैं, उम्र में हमसे कई गुना बड़े हैं, व्यक्तिगत तौर पर हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन सेहत को लेकर हमें टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं लगता. तेजस्वी यादव ने कहा कि जो स्थितियां बैक-टू-बैक सामने आ रही हैं जैसे एक-दो दिन पहले ही उन्होंने दुनिया खत्म होने की बात कही. इसे लेकर हमने मांग की थी कि अब सीएम नीतीश कुमार को रिजाइन कर देना चाहिए.