बिहार के नवादा से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई. टैंक गहरा था और उसका मुंह खुला थी जिसकी वजह से ये हादसा हुआ है.
बच्ची के टैंक में गिरने की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई. आसपास के लोग सेप्टिक टैंक के पास पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बच्ची को सेप्टिक टैंक से निकालकर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया.यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया. पूरा मामला रजौली थाना क्षेत्र नगर पंचायत स्थित सती स्थान मोहल्ला का बताया जाता है.
दरअसल सती स्थान मोहल्ला के निवासी कुंदन पंडित ने अपने घर में सेप्टिक टैंक का निर्माण कराया था और पानी डालकर सेप्टिक टैंक के लीकेज को चेक करने के लिए सेफ्टिक टैंक खुला रखा था. घर में खेलने के दौरान अचानक मासूम मीठी कुमारी इसी खुले टैंक में गिर गई और उसकी जान चली गई.
वहीं घर के लोगों ने मासूम को सेप्टिक टैंक में गिरता देखकर शोर मचाया.परिजनों और पड़ोसियों ने मीठी को सेप्टिक टैंक से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची रजौली पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही. वहीं परिजनों ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया. बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम है.
बीते साल अगस्त में मध्य प्रदेश के रीवा से ऐसा ही मामला सामने आया था. बारिश के पानी से भरे एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में तीन नाबालिग बहनें डूब गईं. जिससे तीनों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान छह वर्षीय जान्हवी रजक, 7 वर्षीय तन्वी और 9 वर्षीय सुहानी के रूप में हुई .
इनपुट- सुमित भगत