जमुई में मिथिलेश नाम के एक लड़के से दो लाख रुपये लेकर उसे आईपीएस की वर्दी पहना दी गई और कहा गया कि अब तुम आईपीएस बन गए हो. फर्जी आईपीएस बने मिथिलेश को अब थाने से बॉन्ड भरकर छोड़ दिया गया है. उसने अब पुलिस से दो लाख लेकर वर्दी बेचने वाले शख्स को पकड़ने और उसके पैसे दिलवा देने की गुहार लगाई है.
जमुई के सिकंदरा में 20 सितंबर को आईपीएस की वर्दी पहने और पिस्टल लिए एक युवक को सिकंदरा पुलिस ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार युवक की पहचान लखीसराय जिला के हलसी थाना क्षेत्र के गोबर्धन बिगहा गांव निवासी मिथलेश कुमार के रूप में की गई थी.
मिथलेश कुमार के अनुसार उसे आईपीएस की वर्दी जमुई जिला के खैरा इलाके के मनोज सिंह नाम के व्यक्ति से दो लाख रुपये ये कहकर दी थी कि उसकी नौकरी हलसी थाना में लग गई है. इसी बीच मिथलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. सिकंदरा पुलिस ने मिथलेश कुमार को जेल न भेजकर नए कानून 35(3) के तहत बॉन्ड भरवाकर छोड़ दिया है.
अभी मिथलेश अपने गांव गोबर्धन बिगहा में है. वहां मीडिया वालों का तांता लगा है. मिथलेश कुमार ने खास बातचीत में कहा कि जेल न जाकर घर आने पर उसे अच्छा तो लग रहा है, लेकिन उसने अनजाने में जो किया उसका उसे बहुत अफसोस है. यही वजह है वो अपने घर से बाहर नहीं निकल रहा है.
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मिथलेश कुमार ने कहा कि लोग उसे फर्जी आईपीएस कहकर बुलाते हैं. इससे उसे शर्म महसूस होती है. मिथलेश ने कहा कि आईपीएस क्या होता ये तो नहीं जानता, लेकिन उसका कहना है आने वाले दिनों में अगर खाने-पीने से उसका शरीर ठीक हो जाता है तो वो पुलिस की नौकरी करेगा. या फिर डॉक्टर बनकर दिखाएगा कि वो भी कुछ कर सकता है.
मिथलेश कुछ कर पाता है या नहीं ये तो भविष्य की बात है, लेकिन मिथलेश को सरकार और जमुई पुलिस से यह उम्मीद जरूर है कि खैरा के रहने वाले मनोज सिंह जिसने आईपीएस की नौकरी देने के नाम पर उससे ठगी की. उसकी गिरफ्तारी हो और उसने जो पैसा मनोज सिंह को दिये, उसे पुलिस मनोज सिंह से लेकर उसे लौटा दे. ताकि वो अपने मामा को पैसा वापस कर सके.