बिहार के गोपालगंज में दिन-दहाड़े टाइल्स व्यवसायी पर हमला हो गया. जिसके बचाने में एक रिटायर्ड फौजी को गोली लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई. जिसके 72 घंटे बाद ही पुलिस ने आरोपी को सीवान से गिरफ्तार कर लिया. दरअसल दो लोगों के बीच चल रहे जमीनी विवाद में बेवजह रिटायर्ड फौजी की जान चली गई थी.
गोपालगंज एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं. SP के मुताबिक जमीन विवाद को लेकर ये वारदात हुई थी. दरअसल टाइल्स व्यवसायी नयन प्रसाद और राजकिशोर के बीच जमीन का विवाद चल रहा था. जमीन विवाद के क्रम में ही पूर्व में बड़हरिया थाना क्षेत्र में एक हत्या हुई थी.
गलत तरीके से जमीन कब्जा करने का आरोप
ये आरोप लगाया जा रहा है कि व्यवसायी नयन प्रसाद के द्वारा गलत तरीके से जमीन को कब्जा किया गया था. इसी बात को लेकर राजकिशोर प्रसाद और शेख अलीमुल्लाह उर्फ ठेकेदार ने मिलकर व्यवसायी नयन प्रसाद की हत्या की साजिश रची. टाइल्स दुकान में नयन प्रसाद को बचाने में सत्येंद्र सिंह को गोली लगी गई थी और इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गयी.
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पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है
हत्याकांड में शामिल शेख अलीमुल्लाह उर्फ ठेकेदार, शाहनवाज आलम, सरफराज आलम समेत अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसआइटी की टीम झारखंड से लेकर उत्तर प्रदेश के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. एसपी ने बताया कि टाइल्स कारोबारी नयन प्रसाद ने बड़हरिया में विवादित जमीन खरीदी और उसे जबरन कब्जा कर लिया था.
इसी को लेकर गिरफ्तार राजकिशोर प्रसाद और शेख अलीमुल्लाह उर्फ ठेकेदार से विवाद चल रहा था. हालांकि रिटायर्ड फौजी सतेंद्र सिंह से अपराधियों या हमलावरों से कोई विवाद नहीं था उनकी बेवजह ही जान चली गयी.