Patna News: बिहार में पुल गिरने के मामले में भाजपा नेता मनीष कश्यप (BJP leader Manish Kashyap) हाईकोर्ट चले गए हैं. एक सवाल के जवाब मनीष ने कहा कि मैंने सरकार के खिलाफ पीआईएल दायर नहीं की है, मैंने उन भ्रष्ट अधिकारियों और भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ पीआईएल दर्ज की है, जिनके कारण बिहार में बार-बार पुल गिर रहे हैं. अररिया में जो पुल गिरा है, वो 8 करोड़ की लागत से बन रहा था.
मनीष ने कहा कि ये पुल साल 2011 से बन रहा था, उस समय ये पुल 11 करोड़ की लागत से बनने वाला था. इसके लिए पैसा भी सेंक्शन हुआ था. चार पिलर का पुल बन रहा था, 3 पिलर बन चुके थे. इसके बाद 2018 में फिर से पैसा सेंक्शन हुआ. इसके बाद भी कई बार पैसा सेंक्शन हुआ.
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भाजपा नेता ने कहा कि इतना पैसा लगने के बाद भी पुल गिर गया. इससे पहले सुपौल, सिवान, पटना के दीदारगंज, नालंदा, खगड़िया, पूर्णिया, किशनगंज में पुल गिर चुके हैं. इसमें सरकार की लापरवाही नहीं, बल्कि ठेकेदार और भ्रष्ट इंजीनियर इसके जिम्मेदार हैं. हम सिस्टम से सवाल पूछ रहे हैं, पहले भी सवाल पूछते थे. अगर सवाल नहीं पूछेंगे तो बिहार के लोग कहेंगे कि मनीष बदल गया है.
'हमारी लड़ाई बिहार में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ है'
मनीष कश्यप ने कहा कि चुनाव से पहले भी हम सवाल पूछते थे. चुनाव खत्म हो गया है, अब हमारी लड़ाई बिहार में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ है. मनीष कश्यप ने कहा कि ये परसेप्शन क्यों है कि अगर कुछ गलत हो रहा है और सरकार में हैं तो आंख बंद कर लें. सिस्टम में लापरवाह लोगों के खिलाफ मैंने कार्रवाई की मांग की है.
मनीष का कहना है कि उन्होंने बिहार के अररिया में पुल गिरने के मामले को लेकर याचिका दायर की है. उन्होंने कहा कि साल 2011 में पुल बनना था, लेकिन लगातार वर्षों से पैसा सेंक्शन हो रहा था, मगर समय पर पुल नहीं बना. धीरे-धीरे नदी ने धारा बदल दी और पुल गिर गया. मनीष ने कहा कि मैंने पीआईएल फाइल की है. बिहार में कौन सा भूत आ गया है, जो बार बार पुल गिरा दे रहा है. उस भूत को हाईकोर्ट ढूंढे़गा और इलाज करेगा.