बिहार के दरभंगा में बेनीपुर जेल से फरार कैदी सोनू कुमार को दरभंगा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद पुलिस हिरासत में सोनू को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से दिल्ली से दरभंगा ला रही थी, उसी दौरान रास्ते में कैदी की मौत हो गई. कैदी की मौत के बाद मृतक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है. सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव को एंबुलेंस से घर लाया गया. ग्रामीणों के साथ-साथ परिजनों ने मौत पर सवाल खड़े किए हैं.
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने परिजनों को बताया है कि वाशरूम जाने के दौरान कैदी की हथकड़ी खोल दी गई थी. इसके बाद कैदी ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई. हालांकि तत्काल साथ चल रहे पुलिस के जवान ने ट्रेन की चेन खींचकर ट्रेन को रुकवाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. सोनू को गंभीर चोट आने के कारण उसकी मौत हो गई.
कैदी के परिजनों को पुलिस की दलील पर शक
इधर कैदी सोनू के परिवार को पुलिस की दलील पर शक है. परिजनों को लग रहा है कि किसी की मिलीभगत के कारण उसकी हत्या की गई है. मृतक बंदी सोनू दरभंगा के अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के पतोर गांव का रहने वाला था. सोनू पर उसके ससुराल वालों ने पत्नी को जलाकर मार देने का आरोप लगाया था. उसी केस में सोनू जेल में बंद था. सोनू के परिजन सोनू के ससुराल वालों की साजिश से जोड़कर देख रहे हैं
बीते साल 10 जुलाई को फरार हो गया था कैदी
सोनू कुमार पिछले साल 10 जुलाई को बेनीपुर उपकारा से फरार हो गया था. इस मामले में बहेड़ा थाने में केस दर्ज हुआ था. गांव के मुखिया फेंकन पासवान ने बताया कि पुलिस बल के साथ सोनू का शव लाया गया. गांव के लोगों ने सोनू की मौत पर सवाल उठाए हैं कि आखिर पुलिस की हिरासत में कैसे कोई व्यक्ति चलती ट्रेन से भाग सकता है या गिर सकता है.
कैदी की मौत पर गांव के मुखिया ने क्या कहा?
गांव के मुखिया ने कहा कि सोनू घर का अकेला कमाने वाला था. उसका पूरा परिवार गरीब है. ऐसे में सरकार से सोनू के परिवार वालों के लिए आर्थिक मदद की मांग की गई है. मौजूद पुलिस वालों ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि कागजी कार्रवाई के बाद रेलवे द्वारा मदद दिलाई जाएगी. वहीं मृतक की मां सीता देवी सोनू की मौत को साजिश के तहत हत्या मान रही हैं. पुलिस पर भी सवाल उठाए हैं.