प्रयागराज महाकुंभ में इस सप्ताह हुई भगदड़ में बिहार के 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने शनिवार को इस घटना की पुष्टि की. CMO के बयान के अनुसार, मृतकों में चार लोग गोपालगंज जिले के थे, दो औरंगाबाद से और एक-एक व्यक्ति पटना, मुजफ्फरपुर, सुपौल, बांका और पश्चिम चंपारण से थे. इस त्रासदी के बाद राज्य के कई परिवार गहरे सदमे में हैं.
दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिजनों को दो लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा की है. इसके अतिरिक्त, जो लोग इस हादसे में घायल हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी.
कब मची भगदड़?
भगदड़ उस समय हुई जब माघ मेले के दौरान संगम तट पर भारी भीड़ जमा हो गई थी. मौनी अमावस्या के शुभ अवसर पर लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगम पर स्नान के लिए पहुंचे थे. यह धार्मिक संगम पर्व सदियों से श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र रहा है, लेकिन भीड़ की बेकाबू स्थिति ने एक भयंकर हादसे का रूप ले लिया. इस हादसे में कुल 30 लोगों की मौत हुई और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है
अभी भी कई लापता हैं
बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ में बुधवार को मौनी अमावस्या पर आस्था का सैलाब उमड़ा था. मगर अचानक आस्था का यह सैलाब मातम में बदल गया. दरअसल, संगम किनारे बैरिकेडिंग टूटते ही भगदड़ मच गई. चीख-पुकार में हजारों लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और देखते ही देखते भगदड़ ने भयानक रूप ले लिया. देखते ही देखते हादसे में 30 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 60 घायल हो गए. अभी भी कई लोग लापता हैं. परिजन उनकी तलाश में इधर-इधर भटक रहे हैं.