लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अब इस मामले में सोमवार को लालू यादव, तेजस्वी और तेजप्रताप यादव समेत आठ आरोपियों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी होनी है. ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था.
देर रात दिल्ली पहुंचेंगे तेजस्वी
दिल्ली की कोर्ट में पेशी के लिए लालू यादव रविवार शाम चार बजे पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जबकि तेजस्वी यादव आज देर रात अपनी विदेश यात्रा से दिल्ली लौटेंगे. वहीं, लालू और तेजस्वी के अलावा तेजप्रताप यादव भी कोर्ट में पेश होंगे, वह इस मामले में पहली बार अदालत में पेश होंगे. ईडी द्वारा अदालत में दायर की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में लालू, तेजस्वी और तेजप्रताप समेत सभी 8 आरोपियों को समन जारी कर अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था.
तेजप्रताप की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता
कोर्ट ने तेज प्रताप यादव को समन जारी करते हुए कहा कि तेज प्रताप यादव की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे एके इंफोसिस लिमिटेड के निदेशक भी थे. उन्हें भी समन भेजा गया है. तेज प्रताप को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है.
बता दें कि ईडी ने 6 अगस्त को 11 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था. ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेकर कोर्ट ने सभी अपराध लाभार्थियों यानी लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव के अलावा अन्य सभी को बतौर आरोपी अदालत में पेश होने का आदेश दिया है. लैंड फॉर जॉब मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईडी ने कई सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में मुकदमा चलाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत हैं. रिकॉर्ड के मुताबिक बड़ी संख्या में जमीन के टुकड़ों और निर्मित भवन संपदा का ट्रासंफर लालू यादव के खास परिजनों में हुआ है. यादव परिवार ने लालू के सरकारी पद, रुतबे और हैसियत का दुरुपयोग किया है.
क्या है आरोप
आरोप है कि 2004 से 2009 तक भारतीय रेलवे के अलग-अलग जोन में ग्रुप डी पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था और बदले में इन लोगों ने अपनी जमीनें तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों और उनसे संबंधित कंपनी एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित कर दी थी.
क्या है मामला
लैंड फॉर जॉब' कथित घोटाला उस समय का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे. आरोप के मुताबिक लालू यादव ने रेल मंत्री रहने के दौरान रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनसे जमीन ली थी. लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे थे. दिल्ली की अदालत ने लालू यादव, राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती के खिलाफ 28 फरवरी 2023 को समन जारी किया था. इस घोटाले के सिलसिले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू फैमिली समेत 14 आरोपियों को समन जारी किया है. सभी आरोपियों को 15 मार्च को अदालत में पेश होने को कहा गया था. 15 मार्च को अदालत सभी आरोपियों से पूछताछ करने के बाद आरोप तय किए थे.
इस मामले में 10 अक्टूबर 2022 को सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था. जुलाई 2022 में ही सीबीआई ने भोला यादव को गिरफ्तार किया था, जो लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए उनके ओएसडी थे. सीबीआई का कहना है कि पटना में लालू यादव के परिवार ने 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर रखा है. इन जमीनों का सौदा नकद में हुआ था. यानी, लालू परिवार ने नकद देकर इन जमीनों को खरीदा था.