केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने मुसलमानों को सिर्फ "वोट बैंक" की तरह इस्तेमाल किया है. वह अपनी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) द्वारा आयोजित ‘इफ्तार’ कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे. इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित एनडीए के कई नेता शामिल हुए.
चिराग पासवान ने बताई इफ्तार करने की वजह
चिराग पासवान से जब जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई जिसमें उन्होंने पासवान, नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा आयोजित इफ्तार और ईद मिलन कार्यक्रमों से दूरी बनाने की बात कही थी, तो उन्होंने कहा कि वह हिंदू होने के बावजूद इफ्तार का आयोजन करते हैं क्योंकि इससे आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश जाता है.
उन्होंने कहा, "अगर कोई धार्मिक संगठन राजनीतिक फैसला लेता है, तो यह इफ्तार की पवित्रता के खिलाफ है." उन्होंने मदनी को एक सम्मानित बुजुर्ग बताते हुए कहा कि वह उनके परिवार के करीबी रहे हैं और उनका बहुत सम्मान करते हैं.
कांग्रेस-राजद को बताया मुसलमानों की बदहाली का जिम्मेदार
चिराग पासवान ने कहा कि देश में मुसलमानों की स्थिति पर सचर कमेटी की रिपोर्ट गवाह है. उन्होंने आरोप लगाया कि "देश में कांग्रेस और बिहार में राजद ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद मुसलमानों की स्थिति सुधारने के लिए कुछ नहीं किया."
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को छोड़ दें तो देश में कांग्रेस का ही शासन रहा है और बिहार में 2005 तक राजद सत्ता में थी. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पिता रामविलास पासवान के नक्शे कदम पर चलते रहेंगे, जिन्होंने 2005 में यह कहकर अपनी राजनीति दांव पर लगा दी थी कि जो भी बिहार में मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाएगा, वह उसे समर्थन देंगे.
चिराग पासवान ने कहा कि वह जमीयत उलेमा-ए-हिंद के इफ्तार का बहिष्कार करने के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन कांग्रेस और राजद का समर्थन करना सही नहीं है क्योंकि इन्हीं दलों ने मुसलमानों का सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है.