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मस्जिद में नमाज पढ़ने को लेकर मुसलमानों के दो पक्षों में तनाव, पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला कराया शांत  

मुजफ्फरपुर में शिया जामा मस्जिद में नमाज पढ़ने और पढ़ाने को लेकर मुसलमानों के दो गुटों में तनाव हो गया. मामला कमरा मोहल्ला स्थित शिया जामा मस्जिद का है. घटना की जानकारी मिलने के बाद काफी संख्या में नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में नमाज अदा करवाई गई. दोनों पक्ष के प्रतिनिधि मंडल को थाने पर बुलाया गया है. 

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पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों से बात कर मामला शांत कराया.
पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों से बात कर मामला शांत कराया.

मुजफ्फरपुर के कमरा मोहल्ला स्थित शिया जामा मस्जिद में नमाज पढ़ने और पढ़ाने को लेकर तनाव हो गया. मौलाना काजी शमीम और आबिद अजगर मुतल्वी के समर्थक जुम्मे की नमाज पढ़ने और पढ़ाने को लेकर आमने सामने आ गए. 

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शुक्रवार को जुम्मे की नमाज से पहले दो पक्षों के आमने-सामने आने की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल कि तैनाती कर दी गई. इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में नमाज पढ़वाई गई. वहीं, दोनो पक्षों के लोगों के बीच सुलह कराने के लिए थाने पर भी बुलाया गया है.

एक पक्ष जहां शिया धर्मगुरु मौलाना शबीब काजिम के द्वारा नमाज पढ़ाए जाने की मांग कर रहा था. वहीं, दूसरे पक्ष के मुतबलली आबिद अजगर का कहना है कि शिया वक्फ बोर्ड के द्वारा जिनको इमामे जुम्मा नियुक्त किया गया है, उन्हीं के द्वारा नमाज पढ़ाई जाएगी.

हंगामे की आशंका को लेकर नमाज के दौरान भारी पुलिस बल कि मौजूदगी में नमाज पढ़ी गई. कमरा मोहल्ला में दोनों पक्षों के बीच हुए तनाव को देखते हुए काफी पुलिस बल के साथ नगर थाना अध्यक्ष विजय कुमार सिंह मौके पर पहुंच नमाज के दौरान मौजूद रहे.

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विजय कुमार सिंह ने दोनों पक्षों को समझाया. मगर, इसके बावजूद दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े हुए थे. लिहाजा, पुलिस की मौजूदगी में नमाज अदा करवाई गई. दोनों पक्ष के प्रतिनिधिमंडल को थाने पर बुलाया गया है, जहां पर वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा आगे जैसे निर्देश मिलेंगे, वैसी कार्रवाई की जाएगी.

सैकड़ों लोग नमाज से महरूफ हैं- डॉ. मो. शफी हसन  

डॉ. मो. शफी हसन ने बताया कि हम लोग जनवरी से यहां नमाज नहीं पढ़ रहे हैं. मौलाना शमीम काजी जो यहां नमाज पढ़ाते थे, उनको हटा दिया गया है. शरियत कानून कहता है कि जो जुम्मा का नमाज पढ़ाता है, उसको हटा नहीं सकते हैं. उनकी जगह अगर कोई दूसरा नमाज पढ़ाता है, तो वह नमाज नाजायज है. 

यहां सैकड़ों लोग नमाज से महरूफ हैं. हम लोग पर आरोप लगाया जाता है कि हम लोग दहशत फैलाते हैं और यहां कब्जा करने आते हैं. इसलिए हम लोगों ने पुलिस से आग्रह किया है कि प्रशासन के संरक्षण में हम लोगों को नमाज पढ़ने दी जाए.

अतिक्रमणकारी लोग नहीं पढ़ सकते नमाज- आबिद मतबल्ली 

आबिद असगर मतबल्ली ने बताया कि किसी पक्ष में कोई भी विवाद नहीं है. यहां नमाज अदा हुई है और आगे भी नमाज अदा होती रहेगी. हम लोगों ने इमाम नियुक्त किया हुआ है. उन्होंने ही नमाज पढ़ाई है. मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए किसी को मना नहीं किया गया है. मगर, जो अतिक्रमणकारी लोग हैं, वे किसी भी हालत में यहां नमाज नहीं पढ़ा सकते हैं और मस्जिद में दो बार नमाज नहीं पढ़ी जाएगी.

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वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर निकलेगा मामले का हल- थानेदार 

नगर थानेदार विजय कुमार सिंह ने बताया कि नमाज पढ़ने को लेकर दो पक्षों में तनाव है. एक पक्ष मतबल्ली का समर्थक है और दूसरा पक्ष पूर्व के मौलाना का है. एक पक्ष जो मस्जिद के अंदर नमाज पढ़ रहा था, वह मस्जिद छोड़ने को तैयार नहीं था. और दूसरा पक्ष नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में जाने को तैयार था.

उन्होंने बताया कि यहां काफी संघर्ष की स्थिति थी. दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर अलग-अलग रास्तों से घर भेज दिया गया है. दोनों पक्षों के बीच वर्चस्व स्थापित करने को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है. कल वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर दोनों पक्ष के लोगों को बुलाकर इसका हल निकाला जाएगा.

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