बिहार के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है. मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में बिना अपेंडिक्स की पुष्टि के 12 वर्षीय लड़की का ऑपरेशन कर दिया गया. लड़की को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में लाया गया था. जांच के बाद डॉक्टरों ने कहा कि उसे अपेंडिक्स की समस्या है और तुरंत ऑपरेशन करना होगा.
ऑपरेशन में घंटों लगने पर परिजनों ने डॉक्टर से पूछा तो जवाब मिला कि लड़की में अपेंडिक्स नहीं मिला. इस लापरवाही के उजागर होने पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया. इस मामले पर जिला अधिकारी (डीएम) सुब्रत सेन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए खुद अस्पताल पहुंचकर बच्ची और उसके परिजनों से मुलाकात की.
बिना बीमारी के डॉक्टरों ने कर दिया ऑपरेशन
इस मौके पर उन्होंने कहा कि तीन डॉक्टरों की टीम बनाई गई है. साथ ही उन्हें 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि पेट दर्द की शिकायत लेकर बच्ची आई थी. जांच और अल्ट्रासाउंड में अपेंडिक्स की बात सामने आई. जिसके आधार पर बच्ची का ऑपरेशन किया गया. कभी-कभी ऐसा होता है कि अपेंडिक्स नहीं मिलता.
डीएम ने दिए जांच के आदेश
रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर फिरदौस ने सफाई देते हुए कहा कि 28 अक्टूबर को हुए अल्ट्रासाउंड में अपेंडिक्स की पुष्टि हुई थी. ऑपरेशन के दौरान यह संभवतः एंटीबायोटिक्स की दवाओं के प्रभाव से खत्म हो गया होगा. वहीं लड़की के पिता शंकर राय ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताई और सिविल सर्जन से शिकायत दर्ज कराई.