बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किए जाने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने ऐलान किया है कि जेल में भी उनका अनशन जारी रहेगा. बता दें कि सोमवार की सुबह करीब चार बजे भारी संख्या में गांधी मैदान पहुंची पुलिस उन्हें धरना स्थल से उठाकर अपने साथ ले गई थी. बेल बॉन्ड भरने से इनकार करने के बाद अब कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
पीके ने अनशन तोड़ने से किया इनकार
इस दौरान प्रशांत किशोर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें कोर्ट परिसर में वो पत्रकारों से बात कर रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने ऐलान किया कि उनका आमरण अनशन जेल में भी जारी रहेगा. प्रशांत किशोर ने आगे कहा, 'रुकना नहीं है, अगर रुकेंगे तो इनका (सरकार) मन बढ़ जाएगा इसलिए बेल भी नहीं लेंगे और अनशन भी नहीं तोड़ेंगे. प्रशासन को जो करना है करने दीजिए, ये लोग (प्रशासन) सोच रहे थे कि उठाकर यहां लाएंगे, बेल दिला देंगे और बात खत्म हो जाएगी.'
बेल भी नहीं लेंगे अनशन भी नहीं तोड़ेंगे 🔥 🔥#PrashantKishor #प्रशांतकिशोर pic.twitter.com/1oubCYf9r3
— PK Digital Vahini (@PKDigitalVahini) January 6, 2025
पीके ने बेल बॉन्ड भरने से किया इनकार
बता दें कि प्रशांत किशोर की तरफ से कोर्ट में मुख्य सीनियर वकील वाईबी गिरी केस लड़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि प्रशांत किशोर को शर्तों पर जमानत दी जा रही थी कि वो अब कोई धरना प्रदर्शन नहीं करेंगे जिसे मानने से उन्होंने इनकार कर दिया जिसके बाद प्रशांत किशोर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
वहीं प्रशांत किशोर के एक अन्य वकील शिवानंद गिरि ने आज तक से खास बातचीत में बताया कि कोर्ट ने प्रशांत किशोर को जमानत दे दी थी. हमने कोर्ट में पक्ष रखा था लेकिन कोर्ट ने कंडीशनल बेल दी थी.
क्या थी जमानत की शर्त
प्रशांत किशोर को इस शर्त पर जमानत दी गई थी कि वह भविष्य में किसी तरह का कोई धरना प्रदर्शन या सरकार के खिलाफ कोई प्रोटेस्ट नहीं करेंगे या विधि व्यवस्था की समस्या पैदा नहीं करेंगे. प्रशांत किशोर जमानत के इन शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं हुए.
बता दें कि सोमवार तड़के चार बजे पुलिस टीम उन्हें गांधी मैदान से उठाकर एंबुलेंस से एम्स ले गई थी. इस बीच पटना पुलिस ने धरनास्थल को खाली करा लिया. पुलिस ने जिस वक्त ये कार्रवाई की उस समय पीके अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर सो रहे थे.