प्रशांत किशोर ने बुधवार को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान जद(यू) द्वारा उनकी पार्टी जन सुराज पार्टी की फंडिंग पर उठाए गए सवालों का जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'मेरे पास धन मेरी बुद्धि के कारण आता है. जो भी मां सरस्वती की कृपा से संपन्न होता है, उसे मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी मिलता है.'
जद(यू) के प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार का स्पष्ट संदर्भ देते हुए किशोर ने कहा, 'कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि मुझे इस पार्टी को चलाने के लिए पैसा कहां से मिल रहा है.' उन्होंने आरोप लगाया है कि जन सुराज पार्टी को बेंगलुरु स्थित एक 'धर्मार्थ' संगठन पैसा दे रहा है.
जेडी(यू) नेता ने यह भी दावा किया है कि किशोर ने संगठन को 50 लाख रुपये का 'दान' भी दिया है, उन्होंने आरोप लगाया कि यह 'टैक्स धोखाधड़ी' का मामला लगता है.
किशोर का गुजरात पर निशाना
किशोर ने कहा कि उन्होंने कभी सरकारी सेवा, ठेकेदारी, या सांसद/विधायक के रूप में काम नहीं किया है. उनकी सभी कमाई उनकी बुद्धि का परिणाम है, और वे इसे बिहार के युवाओं के लिए चुनावी खर्चों में मदद के लिए उपयोग करने का संकल्प लेते हैं. उन्होंने गुजरात की ओर इशारा करते हुए कहा, 'क्या सारा धन केवल गुजरात के युवाओं के पास जाएगा, जबकि सत्ता बिहार के युवाओं के वोट से मिलती है? यह अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बिहार का युवा हमेशा सस्ते श्रम का स्रोत नहीं रहेगा.'
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने 2012 में नरेंद्र मोदी के गुजरात विधानसभा चुनाव अभियान से अपने राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में करियर की शुरुआत की थी. अब वे जन सुराज पार्टी के माध्यम से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं. किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनावों के लिए मोदी के अभियान का मैनेजमेंट देखा था.