बिहार की तरारी विधानसभा सीट से जनसुराज के घोषित उम्मीदवार पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिंह की उम्मीदवारी के संकट पर प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सेना के जिस अधिकारी ने सियाचिन जैसे प्वाइंट पर देश की रक्षा की हो, उसकी नागरिकता पर सवाल कैसे हो सकता है?
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिंह का सब कुछ भोजपुर के करथ गांव में ही है. पिछले विधानसभा चुनाव में उनका बिहार की वोटर लिस्ट में नाम भी था, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने दिल्ली में वोट डाला था. दिल्ली की वोटर लिस्ट में उनका नाम है.
हम जाएंगे कोर्ट: PK
उनका कहना है कि ये बड़ा अजीब नियम है कि बिहार का कोई नागरिक किसी दूसरे राज्य में वोटर होने के कारण चुनाव नहीं लड़ सकता. हम प्रयास कर रहे हैं, इसका निदान कर रहे हैं. हम कोर्ट में जाएंगे और इसपर निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे.
बता दें कि जनसुराज ने तरारी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया था. लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिंह भोजपुर जिला स्थित करथ गांव के मूल निवासी हैं, लेकिन सेना से रिटायरमेंट के बाद एसके सिंह लंबे अरसे से दिल्ली में परिवार के साथ रह रहे हैं और इसी के चलते उनका नाम बिहार के किसी भी जिले की वोटर लिस्ट में नहीं है. वह वर्तमान में दिल्ली के वोटरों हैं और इसी कारण उनकी उम्मीदवारी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.
वहीं, एनडीए गठबंधन में ये सीट बीजेपी के खाते में हैं. जहां से बीजेपी ने विशाल प्रशांत उर्फ सुशील पांडे को टिकट दिया है. उम्मीद है कि वह मंगलवार को नामांकन भर सकते हैं.
क्या है नियम
नियमों के मुताबिक, विधानसभा और विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारी के लिए किसी भी व्यक्ति का उस राज्य से वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है. तो वहीं, लोकसभा चुनाव की उम्मीदवारी के लिए देश के किसी भी राज्य के वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी.
चार सीटों पर होगा उपचुनाव
बिहार की बेलागंज, इमामगंज, रामगढ़ और तरारी सीट पर उपचुनाव होने हैं. इन सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होगी. इसी दिन झारखंड में पहले चरण की भी वोटिंग है.